
श्रीनगर-शारजाह फ्लाइट विवाद के बीच PM मोदी ने किया PAK एयरस्पेस का इस्तेमाल
AajTak
पाकिस्तान ने हाल ही में श्रीनगर से शारजाह के बीच शुरु हुई फ्लाइट को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है और अपने एयरस्पेस से इस फ्लाइट के उड़ान भरने पर रोक लगा दी है. खास बात ये है कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पाकिस्तान के एयरस्पेस का इस्तेमाल करने के बाद आज ही नई दिल्ली पहुंचे हैं.
पाकिस्तान ने हाल ही में श्रीनगर से शारजाह के बीच शुरू हुई फ्लाइट को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है और अपने एयरस्पेस से इस फ्लाइट के उड़ान भरने पर रोक लगा दी है. खास बात ये है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पाकिस्तान के एयरस्पेस का इस्तेमाल करने के बाद आज ही नई दिल्ली पहुंचे हैं. पीएम मोदी के बोइंग 777 विमान ने इटली और स्कॉटलैंड जाने के लिए पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र की यात्रा की थी. इटली में जहां पीएम मोदी जी20 शिखर सम्मेलन में शामिल हुए थे वही स्कॉटलैंड में उन्होंने सीओपी 26 संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन में भाग लिया था.

ईरान ने दावा किया है कि उसकी नेवी के एयर डिफेंस ने दो अमेरिकी ड्रोन मार गिराए. ईरान की स्टेट मीडिया के मुताबिक ये दोनों सुसाइड ड्रोन कथित तौर पर अमेरिकी सेना के थे. ईरान की सेना के मुताबिक ड्रोन का पता लगाया गया, उसे ट्रैक किया गया और इससे पहले कि वो बंदर अब्बास नौसैनिक बेस को निशाना बनाते, उन्हें मार गिराया गया. देखें वीडियो.

ईरान-इजरायल युद्ध आज अपने 24वें दिन में प्रवेश कर चुका है, लेकिन शांति की कोई गुंजाइश दिखने के बजाय यह संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है. ईरान द्वारा इजरायल के अराद और डिमोना शहरों पर किए गए भीषण मिसाइल हमलों से दुनिया हैरान है. ये शहर रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील हैं, इसलिए अब यह जंग सीधे तौर पर परमाणु ठिकानों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गई है. युद्ध का सबसे घातक असर ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है.

तेल टैंकरों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता खोलने को लेकर ईरान को ट्रंप ने 48 घंटे की धमकी थी. समय सीमा खत्म होने से पहले ही नेटो एक्शन में आ गया है. नेटो महासचिव ने बताया कि होर्मुज में मुक्त आवाजाही सुवनिश्चित करने के लिए 22 देशों का समूह बन रहा है. साथ ही उन्होनें कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका का कदम जरूरी था.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को होर्मुज पर धमकी अब उन्हीं पर उलटी पड़ चुकी है. ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे की डेडलाइन देकर होर्मुज खोलने को कहा था, जिसके बाद अब ईरान ने ट्रंप के स्टाइल में ही उन्हें जवाब देते हुए कहा कि यदि अमेरिका उनपर हमला करेगा तो ईरान भी अमेरिका के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएगा.









