
श्रद्धा वॉल्कर मर्डर केसः आफताब के खिलाफ आरोपों को साबित करने के लिए दिल्ली पुलिस ने किया ये काम
AajTak
दिल्ली पुलिस का कहना है कि आरोपी आफताब अमीन पूनवाला प्रशिक्षित शैफ था और उसे मांस के वितरण, संचालन और संरक्षण से संबंधी सारी जानकारी थी. यहां तक कि पुलिस का कहना है कि आफताब को चाकुओं को संभालने की महारत भी हासिल थी.
Shraddha Walker Murder Case: श्रद्धा वॉल्कर मर्डर केस में आरोपी आफताब अमीन पूनावाला के खिलाफ लगाए गए आरोपों को साबित करने के लिए दिल्ली पुलिस ने नई दलीलें पेश की हैं. इसके संबंध में पुलिस ने कोर्ट में कुछ नई जानकारी और दस्तावेज दाखिल किए हैं.
दिल्ली पुलिस का कहना है कि आरोपी आफताब अमीन पूनवाला प्रशिक्षित शैफ था और उसे मांस के वितरण, संचालन और संरक्षण से संबंधी सारी जानकारी थी. यहां तक कि पुलिस का कहना है कि आफताब को चाकुओं को संभालने की महारत भी हासिल थी. इस मामले में परिस्थितिजन्य सबूत मजबूत हैं और अभियुक्त के अपराध की ओर इशारा करते हैं. इससे ये साबित होता है कि आफताब ने ही श्रद्धा का कत्ल किया था.
पुलिस ने दाखिल की नई दलीलें श्रद्धा मर्डर केस में अभियोजन पक्ष की ओर से पूरे मामले की जानकारी संक्षिप्त सारांश के तौर पर दाखिल की गई है. इस मामले में 24 फरवरी 2023 को जारी किए गए आदेश के अनुसार ये संक्षिप्त सारांश अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया गया है. इस मामले में गुमशुदगी की जानकारी मिलने के साथ ही 9 नवंबर 2022 को इस मामले की जांच शुरू हुई थी.
18 मई 2022 को हुआ था श्रद्धा का कत्ल जांच में सामने आया है कि 18 मई 2022 की शाम करीब 6.30 से 7.00 बजे के बीच श्रद्धा विकास वॉल्कर की हत्या कर दी गई थी. चूँकि यह घटना लगभग 6 महीने बाद सामने में आई थी, जुर्म के अधिकांश निशान मिट गए थे. इसलिए यह मामला पूरी तरह से परिस्थितिजन्य साक्ष्य पर आधारित है, जिसमें परस्पर जुड़े तथ्यों और परिस्थितियों की पूरी श्रृंखला तार्किक निष्कर्ष की ओर ले जाती है कि आरोपी आफताब अमीन पूनावाला ने अपराध किया था.
पहले दोस्ती फिर लिव-इन आरोपी और पीड़ित के बीच रिश्ते की टाइम लाइन भी बहुत महत्वपूर्ण है. मई 2019 से मार्च 2022 के दौरान मुंबई में आरोपी और पीड़िता की मुलाकात हुई और प्रेम संबंध बन गए थे. वे लिव-इन रिलेशनशिप में एक साथ रहने लगे थे और खुद को एक शादीशुदा जोड़े के तौर पर दिखाते थे. उन्होंने 3 जगहों पर एक बाद एक किराए का मकान लिया था. जहां वे रहते थे.
साथ कर चुके थे काम उनके काम करने की जगह पर एक जैसी ही थी. क्योंकि वे दोनों 2 जगहों पर एक साथ काम कर चुके थे. वहां उनके आस-पास जो सहकर्मी थे, उन्होंने भी उनके रिश्ते से जुड़ी बातें और तथ्यों को उजागर किया है. उनके बारे में सर्विस प्रोवाइडर और कुछ पेशेवरों ने भी गवाही दी है, जिससे आरोपी और पीड़िता के आचरण के बारे में जानकारी मिली.

माघ मेले के दौरान चोटी खींचने की घटना को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति गरमाई है. डिप्टी मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने इस घटना को पूरी तरह से गलत और महापाप बताया है. उन्होंने इस कृत्य की निंदा करते हुए बटुकों को बुलाकर उनका सम्मान किया है. इस घटना को लेकर सियासत तेज हो गई है और अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधा है. इस मामले में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है, जिससे माहौल और गरमाता दिखाई दे रहा है.

दिल्ली में आयोजित AI समिट में बेहतर भविष्य की चर्चाएं हो रही हैं, लेकिन वहीं राजनीतिक पार्टियां इस तकनीक को हथियार बनाकर आमने-सामने आ गई हैं. कांग्रेस ने AI का एक वीडियो जारी किया, जिसमें लोकसभा स्पीकर का मजाक उड़ाया गया, जिसे बीजेपी ने सदन की अवमानना माना और शिकायत दर्ज कराई. कांग्रेस के तीन नेताओं को नोटिस भेजा गया. दोनों पार्टियां AI वीडियो का इस्तेमाल कर विपक्षी नेताओं पर आरोप-प्रत्यारोप कर रही हैं.

ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और बीजेपी पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि बीजेपी में दो विचारधाराएं दिख रही हैं और बटुकों के सम्मान को डैमेज कंट्रोल बताया. गोरक्षा के मुद्दे पर उन्होंने 40 दिन का समय दिया था, जिसमें 20 दिन शेष हैं. समय पूरा होने पर स्थिति साफ़ करने की बात कही है.

अब महाराष्ट्र सरकार ने उस पुराने अध्यादेश से जुड़े आखिरी प्रशासनिक आदेश भी वापस ले लिए हैं. यानी जो थोड़ी-बहुत औपचारिक संरचना बची थी, उसे भी खत्म कर दिया गया है. जमीन पर तुरंत कोई बदलाव नहीं होगा, क्योंकि यह आरक्षण पहले से लागू नहीं था. न शिक्षा में इसका फायदा मिल रहा था, न नौकरियों में. लेकिन कानूनी और राजनीतिक रूप से यह एक बड़ा संकेत है.

इंडिया टुडे की OSINT (ओपन सोर्स इंटेलिजेंस) टीम ने इंस्टाग्राम और यूट्यूब के 50 से ज्यादा ऐसे अकाउंट खंगाले, जहां स्टंट और हादसों के वीडियो डालकर एंगेजमेंट बढ़ाया जा रहा है. कई अकाउंट पहले से कमाई कर रहे हैं या उसकी तैयारी में हैं. सबसे खतरनाक बात ये है कि इसका असर सिर्फ स्क्रीन तक सीमित नहीं है, इससे सड़क पर चलने वाले आम लोगों की जान भी खतरे में पड़ रही है.

लॉरेंस बिश्नोई और हाशिम बाबा गैंग के सुप्रीम गैंगस्टर महफूज जिसे बॉबी कबूतर के नाम से जाना जाता है, को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गिरफ्तार किया है. पहले ही दिन बॉबी कबूतर को पुलिस ने पकड़ लिया था और अब उसकी गर्लफ्रेंड खुशनुमा अंसारी उर्फ नेहा को भी ढूंढ़ कर गिरफ्तार किया गया है. खुशनुमा और बॉबी कबूतर दोनों ने लंबे समय तक पुलिस को छकाया था, लेकिन अब उनकी गिरफ्तारी से पुलिस महफूज गैंग पर बड़ा वार करने में कामयाब रही है.







