
शैंपेन, मोमबत्ती और लो सीलिंग... वायरल वीडियो में दिखा स्विट्जरलैंड क्लब फायर के खौफनाक पल
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स्विट्जरलैंड के एक लक्ज़री क्लब में न्यू ईयर ईव पर लगी भीषण आग में अब तक 47 लोगों की मौत हो चुकी है और 115 से अधिक घायल हैं. सोशल मीडिया पर आग की शुरुआत साउंडप्रूफिंग फोम से होने का दावा वायरल है, लेकिन स्विस अधिकारियों ने पुष्टि नहीं की है.
स्विट्जरलैंड में न्यू ईयर ईव के दौरान एक लग्ज़री क्लब में लगी भीषण आग की जांच अभी जारी है. इस दर्दनाक हादसे में अब तक 47 लोगों की मौत हो चुकी है और 115 से अधिक घायल हुए हैं. घटना 31 दिसंबर की रात हुई थी, जब लगभग 200 लोग जश्न मना रहे थे. आग लगने के बाद इमरजेंसी सेवाएं तुरंत मौके पर पहुंचीं और घायलों को अस्पतालों तक पहुंचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया.
सोशल मीडिया पर इस घटना से जुड़ी कुछ तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं. इनमें दावा किया जा रहा है कि आग की शुरुआत क्लब की छत पर लगे साउंडप्रूफिंग फोम में हुई थी, जब शैंपेन की बोतलों पर रखी मोमबत्तियां छत के बेहद करीब चला गया. एक वीडियो में लोग आग बुझाने और जान बचाने के लिए बाहर निकलने की कोशिश करते दिखाई देते हैं. हालांकि, स्विस अधिकारियों ने इन दावों की पुष्टि नहीं की है.
वालाइस कैंटन की अटॉर्नी जनरल बीट्रिस पिलूड ने मीडिया को बताया है कि जांच में कई संभावनाओं को परखा जा रहा है. प्राथमिक जांच में फ्लैशओवर की संभावना पर गंभीरता से ध्यान दिया जा रहा है.
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फ्लैशओवर तब होती है जब गर्म गैसें छत के पास जमा हो जाती हैं और तापमान अचानक बढ़कर सभी ज्वलनशील पदार्थ एक साथ जल उठते हैं, जिससे आग कुछ ही सेकंड में तेजी से फैल सकती है.
अधिकारियों ने साफ किया है कि यह हादसा आतंकी घटना नहीं है. साथ ही, क्लब के फायर सेफ्टी नियमों का पालन किया गया या नहीं, इसकी भी जांच चल रही है. इसमें छत की सामग्री, इंटीरियर इंसुलेशन और इमरजेंसी एग्जिट्स जैसे पहलुओं की समीक्षा हो रही है. जांच के बाद ही आग लगने के सही कारणों का पता चलेगा, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के प्रयास किए जा सकेंगे.

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