
शेख हसीना के खिलाफ इंटरनेशनल क्रिमिनल ट्रिब्यूनल में नरसंहार का मुकदमा दर्ज, UN की निगरानी में जांच कराएगी अंतरिम सरकार
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कानून सलाहकार डॉ. आसिफ नजरुल ने कहा कि अंतरिम सरकार ने संयुक्त राष्ट्र की निगरानी में इन घटनाओं की जांच करने की तैयारी की है. 1 जुलाई से 5 अगस्त के बीच की अवधि में की गई हत्याओं की सुनवाई अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण द्वारा की जाएगी.
इंटरनेशनल क्रिमिनल ट्रिब्यूनल (ICT) में बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना और अन्य पर नरसंहार और मानवता के खिलाफ अपराध करने को लेकर मुकदमा दर्ज किया गया है. इसमें आरोप लगाया गया है कि शेख हसीना की सरकार ने छात्रों के आंदोलन के दौरान नरसंहार और मानवता के खिलाफ अपराध किया था.
एजेंसी के एक अधिकारी ने कहा कि ये शिकायत उन छात्रों में से एक के पिता ने दर्ज कराई है, जिनका बेटा विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस की गोलियों से मारा गया था. 5 अगस्त को विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस की गोली से मारे गए कक्षा 9 के छात्र आरिफ अहमद सियाम के पिता बुलबुल कबीर की ओर से सुप्रीम कोर्ट के एक वकील ने मामला दर्ज किया है.
एजेंसी के डिप्टी डायरेक्टर अताउर रहमान ने द डेली स्टार अखबार को बताया कि हमने शिकायत दर्ज कर ली है और इस प्रकार मामले की जांच शुरू हो गई है. उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने पर हम अगली प्रक्रिया के लिए ट्रिब्यूनल के चीफ प्रोसिक्यूटर ऑफिस को रिपोर्ट सौंपेंगे.
सरकारी समाचार एजेंसी बीएसएस ने बताया कि शिकायत में शेख हसीना और कई लोगों पर नरसंहार और मानवता के खिलाफ अपराध का आरोप लगाया गया है. ये शिकायत उस दिन आई है जब अंतरिम सरकार ने कहा कि 1 जुलाई से 5 अगस्त के बीच की अवधि में की गई हत्याओं की सुनवाई अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण द्वारा की जाएगी.
अधिकारी ने कहा कि शिकायत में शेख हसीना और लोगों पर 15 जुलाई से 5 अगस्त के बीच सामूहिक हत्याओं को अंजाम देने का आरोप लगाया गया है, इस अवधि के दौरान मारे गए छात्र और अन्य लोग भी शिकायत के दायरे में आएंगे. प्रक्रिया के अनुसार एजेंसी को शिकायतों की जांच करनी होगी और ICT के समक्ष मामला दर्ज करना होगा.
शिकायत में शेख हसीना की अवामी लीग के महासचिव और पूर्व सड़क परिवहन मंत्री ओबैदुल कादर, पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल, सूचना एवं प्रसारण के पूर्व मंत्री मोहम्मद अली अराफात, आईसीटी मामलों के पूर्व मंत्री जुनैद अहमद पलक और बर्खास्त पुलिस प्रमुख चौधरी अब्दुल्ला अल मामून समेत कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल हैं.

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