
शिमला में तोड़फोड़, लाठीचार्ज, पानी की बौछार... जानें- क्या है मस्जिद विवाद जिसपर आक्रोशित हैं हिंदू संगठन
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Shimla Mosque Protest: हिमाचल की कांग्रेस सरकार में ग्रामीण विकास मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने भी आरोप लगाया कि संजौली में मस्जिद का निर्माण अवैध रूप से किया गया है. उन्होंने इसके निर्माण की जांच की मांग की.
शिमला के संजौली इलाके में मस्जिद परिसर में अवैध निर्माण को लेकर बुधवार को हिंदू संगठनों और स्थानीय लोगों ने करीब 5:30 घंटे तक विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान प्रदर्शनकारियों की पुलिस कर्मियों से झड़प भी हुई. प्रदर्शनकारियों ने मस्जिद की ओर मार्च करते हुए, 'हिमाचल ने ठाना है, देवभूमि को बचाना है' और 'भारत माता की जय' जैसे नारे लगाए. इस दौरान पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोकने की कोशिश की, जिसे लोगों ने तोड़ दिया और आगे बढ़ने लगे. पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन चलाया और लाठीचार्ज किया.
यह मार्च शिमला के संजौली इलाके में स्थित एक मस्जिद में अतिरिक्त मंजिलों के कथित अवैध निर्माण के विरोध में बुलाया गया था. इस मुद्दे पर हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि लोगों को विरोध करने का अधिकार है, लेकिन उन्हें शांतिपूर्वक और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाए बिना अपना विरोध जाहिर करना चाहिए. सीएम सुक्खू ने यह भी कहा था कि संजौली मस्जिद में कथित अवैध निर्माण के मुद्दे की सुनवाई स्थानीय नगरपालिका अदालत कर रही है और कानून अपना काम करेगा. हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार में मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि विवादित मस्जिद का मामला कोर्ट में है. अगर निर्माण अवैध पाया गया तो उसे ढाहाया जाएगा.
संजौली मस्जिद को लेकर क्या है पूरा विवाद?
मस्जिद का विस्तार करने के उद्देश्य से इसके परिसर में 2007 के बाद निर्माण कार्य शुरू हुआ था. साल 2010 में मस्जिद को अवैध बताते हुए इसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया. हालांकि, पिछले 14 वर्षों में मस्जिद पर चार नई मंजिलें जोड़ी गईं. नगर निगम द्वारा इस मामले की 44 बार सुनवाई की गई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला. पिछले महीने कुछ लोगों के एक समूह ने दावा किया कि उनकी जमीन पर मस्जिद का विस्तार किया जा रहा है और इसे लेकर दो समुदायों के बीच संघर्ष की स्थिति उत्पन्न हुई. इस विवाद के बाद यह पांच मंजिला मस्जिद स्थानीय और राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आई.
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हमले के बाद हिंदू संगठनों का विरोध प्रदर्शन

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