
'शराब नीति के सूत्रधार हैं अरविंद केजरीवाल...,' जमानत पर दिल्ली HC ने फैसला सुरक्षित रखा
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हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान सीबीआई ने कहा कि अरविंद केजरीवाल एक्साइज पॉलिसी के सूत्रधार हैं. उनकी गिरफ्तारी के बाद सबूत मिले हैं. उनकी पार्टी के कार्यकर्ता खुद जवाब देने के लिए सामने आए. एजेंसी ने कहा कि एक महीने में हमने जांच पूरी की और आरोप पत्र दाखिल किया, लेकिन इससे उन्हें जमानत का अधिकार नहीं मिल जाता.
दिल्ली हाई कोर्ट ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है. कोर्ट में सीबीआई का तर्क है कि एक्साइज पॉलिसी पर सीएम का हस्ताक्षर है. ऐसे में वह इस नीति के मुख्य सूत्रधार हैं. केंद्रीय एजेंसी ने कहा कि यह बिल्कुल सच है कि नीति पर 15 अन्य लोगों ने भी अपना साइन किया है.
एजेंसी ने कहा कि एलजी ने भी इस पर हस्ताक्षर किए हैं, लेकिन उन्हें केस में सह-आरोपी नहीं बनाना चाहते. जांच एजेंसी ने कहा कि एक बार पैसा चले जाने के बाद उसका पता लगाना मुश्किल होता है लेकिन हमने पता लगा लिया. पैसा गोवा गया है, जहां विधानसभा चुनाव में प्रत्येक उम्मीदवारों को 90-90 लाख रुपये दिए जाने थे.
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केजरीवाल के बयान को सीबीआई ने बनाया आधार
एजेंसी ने केजरीवाल के उस कथित बयान के बारे में भी कोर्ट को जानकारी दी, जिसमें उन्होंने उम्मीदवारों से कहा था, "पैसे की चिंता मत करो, चुनाव लड़ो." एजेंसी ने कहा कि इससे ज्यादा प्रत्यक्ष सबूत नहीं हो सकते. सीबीआई का कहना है कि अपराध की गंभीरता को देखते हुए आरोपपत्र दाखिल होने पर भी जमानत नहीं दी जानी चाहिए. सीबीआई ने दलील दी की, इससे गवाहों को प्रभावित किया जा सकता है.
हाई कोर्ट में सीएम केजरीवाल की दलील

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