
शरद पवार को मिलेगी Z प्लस सिक्योरिटी, महाराष्ट्र चुनाव से पहले केंद्र सरकार का बड़ा फैसला
AajTak
महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव से पहले केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. केंद्र ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP-एसपी) के प्रमुख शरद पवार को Z प्लस सिक्योरिटी प्रदान की है.
महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव से पहले केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. केंद्र ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP-एसपी) के प्रमुख शरद पवार को Z प्लस सिक्योरिटी प्रदान की है. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) से महाराष्ट्र के 83 वर्षीय पूर्व मुख्यमंत्री शरद पवार को यह सुरक्षा प्रदान करने के निर्देश दिए हैं. इस काम के लिए CRPF के 55 सशस्त्र कर्मियों की एक टीम को नियुक्त किया गया है.
केंद्रीय एजेंसियों द्वारा खतरे के आकलन की समीक्षा के बाद शरद पवार को Z प्लस सिक्योरिटी प्रदान करने की सिफारिश की गई थी. सूत्रों ने बताया कि केंद्र सरकार ने उन्हें VIP सुरक्षा प्रदान करने का फैसला लिया है.
क्या होती है जेड प्लस कैटेगरी की सुरक्षा
सुरक्षा की येलो बुक के मुताबिक शरद पवार को जेड प्लस कैटेगरी की सुरक्षा दी गई है. उनके चारों तरफ कड़ा सुरक्षा का पहरा होगा. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक उनकी सुरक्षा में 58 कमांडो तैनात होते हैं.
सुरक्षा मामलों की येलो बुक के अनुसार Z प्लस कैटेगरी की सुरक्षा में 10 आर्म्ड स्टैटिक गॉर्ड, 6 PSO एक समय में राउंड द क्लॉक, 24 जवान 2 एस्कॉर्ट में राउंड द क्लॉक, 5 वाचर्स 2 शिफ्ट में रहते हैं. एक इंस्पेक्टर या सब इंस्पेक्टर इंचार्ज के तौर पर तैनात रहता है. वीआईपी के घर में आने-जाने वाले लोगों के लिए 6 फ्रीस्किंग और स्क्रीनिंग करने वाले तैनात रहते हैं. साथ ही राउंड द क्लॉक ट्रेंड 6 ड्राइवर होते हैं.
अन्य कैटेगरी की सुरक्षा-

अमेरिका ने ब्रिटेन, फ्रांस,इजरायल और चार अरब देशों के साथ मिलकर ईरान पर हमले की गुप्त टारगेट लिस्ट तैयार की है. मेन टारगेट न्यूक्लियर साइट्स (फोर्डो, नंटाज, इस्फाहान), IRGC कमांडर्स, बैलिस्टिक मिसाइल फैक्ट्रीज और स्ट्रैटेजिक बेस हैं. ट्रंप ने प्रदर्शनों और न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर धमकी दी है, लेकिन अभी हमला नहीं हुआ. अरब देश युद्ध से डर रहे हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी द्वारा लागू किए गए नए नियमों पर रोक लगा दी है. छात्रों ने इस फैसले का स्वागत किया है और कहा कि यूजीसी का यह कानून छात्रों में भेदभाव उत्पन्न करता है. छात्रों का कहना है कि वे नियमों में बदलाव नहीं बल्कि पुराने नियमों को वापस चाहते हैं. यदि नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया तो वे भविष्य में भी प्रदर्शन जारी रखेंगे.

जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत के बाद उनके पैतृक गांव में समाधि दी जाएगी. जुकाम के इलाज में लगाए गए इंजेक्शन के महज 30 सेकंड बाद तबीयत बिगड़ने से मौत का दावा किया जा रहा है. घटना से संत समाज में गहरी नाराजगी है. संतों ने निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और सोशल मीडिया पर अनर्गल लिखने वालों पर कार्रवाई की मांग की है.

दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने सार्वजनिक शिकायतों के निपटारे में लापरवाही के आरोपों पर राजेंद्र नगर, कन्हैया नगर और अशोक विहार के जोनल रेवेन्यू अधिकारियों और कन्हैया नगर के एक असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर को सस्पेंड कर दिया. अचानक निरीक्षण में प्रशासनिक खामियां मिलने के बाद उन्होंने विभागीय कार्रवाई और प्रभावित जोनों में तत्काल नए अधिकारियों की तैनाती के आदेश दिए हैं.

देश के शिक्षण संस्थानों में दलित और आदिवासी छात्रों और शिक्षकों के साथ होने वाले भेदभाव को खत्म करने के लिए विश्विद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने नए नियम लागू किए थे, जिसे लेकर विरोध इतना बढ़ गया कि मामला अदालत तक पहुंच गया. सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है, जिसे लेकर राजनीतिक दलों के नजरिए अलग-अलग दिखे.

दक्षिण मुंबई के फोर्ट इलाके में पुलिसकर्मी बनकर एक केन्याई महिला से 66 लाख रुपये की ठगी करने के मामले में पुलिस ने ठाणे से 48 वर्षीय सुरेश रंगनाथ चव्हाण को गिरफ्तार किया है. उसका एक साथी अभी फरार है. 21 जनवरी को एम. जी. रोड पर आरोपी ने अपने साथी के साथ महिला की टैक्सी रोककर जांच के बहाने 66.45 लाख रुपये से भरे बैग जब्त किए और पुलिस स्टेशन चलने का कहकर फरार हो गया.







