
वेनेजुएला के बाद अब ग्रीनलैंड का नंबर, डोनाल्ड ट्रंप का डेनमार्क से पंगा NATO का गणित बिगाड़ेगा
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वेनेजुएला के राष्ट्रपति को उठाने के बाद जिस तरह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के हौसले बुलंद हैं, वह अमेरिका के लिए खतरनाक साबित हो सकता है. ट्रंप और उनके सहयोगी ग्रीनलैंड को लेकर जिस तरह की बयानबाजी कर रहे हैं उससे तो यही लगता है कि नाटो का भविष्य खतरे में पड़ सकता है.
ट्रंप प्रशासन ने वेनेजुएला पर सैन्य कार्रवाई के ठीक बाद ग्रीनलैंड पर अपनी पुरानी महत्वाकांक्षा को फिर से तेज कर दिया है. ट्रंप ने The Atlantic को दिए इंटरव्यू में साफ कहा कि We do need Greenland, absolutely. We need it for defense. उन्होंने दावा किया कि ग्रीनलैंड रूसी और चीनी जहाजों से घिरा हुआ है और अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी है.
ट्रंप के करीबी सर्कल ने भी ऐसे संकेत दिए हैं जिससे यह संदेह और मजबूत हुआ है कि अमेरिका का अगला निशाना ग्रीनलैंड हो सकता है. ट्रंप के सबसे खास राजनीतिक सलाहकार स्टेफन मिलर की पत्नी कैटी मिलर ने X पर ग्रीनलैंड का मैप अमेरिकी झंडे से ढका हुआ पोस्ट किया और कैप्शन दिया है SOON. ट्रंप ने दिसंबर 2025 में लुइसियाना के गवर्नर जेफ लैंड्री को ग्रीनलैंड के लिए स्पेशल एनवॉय नियुक्त किया था, जो पहले ही कह चुके हैं कि ग्रीनलैंड को अमेरिका में शामिल होना चाहिए.
लेकिन क्या यह वास्तव में अगला निशाना बन सकता है?
इसका जवाब यह है कि संभावना है, लेकिन आसान नहीं है.डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेट फ्रेडरिक्सन ने तुरंत बयान जारी किया कि अमेरिका को ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की कोई जरूरत नहीं. अमेरिका के पास डेनिश साम्राज्य के किसी भी हिस्से को शामिल करने का कोई अधिकार नहीं है. हम NATO सहयोगी हैं, ग्रीनलैंड पहले से ही अमेरिका को रक्षा समझौते के तहत व्यापक पहुंच देता है. धमकियां बंद करें, हम ऐतिहासिक करीबी सहयोगी हैं.
ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री जेंस-फ्रेडरिक नीलसन ने इसे अपमानजनक बताया और कहा कि वेनेजुएला से तुलना करके ग्रीनलैंड को धमकाना गलत है. जनवरी 2026 के पोल बताते हैं कि 85% से अधिक जनता अमेरिका में शामिल होना नहीं चाहती.
क्यों ग्रीनलैंड इतना महत्वपूर्ण हो गया है?

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