
विस्फोट, आग और धुआं... इंडोनेशिया की आर्मी फैसिलटी में ब्लास्ट से अफरा-तफरी
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हसन ने जकार्ता के बाहरी इलाके बेकासी में घटनास्थल के पास एक पत्रकार वार्ता में कहा, "हमने जगह और उसके पूरे दायरे की जांच की है. यहां कोई मौत नहीं हुई है." उन्होंने कहा, "एक्सपायर हो चुके गोला-बारूद में ऐसे रसायन होते हैं जो अस्थिर हो सकते हैं. हो सकता है कि कुछ घर्षण हुआ हो जिससे आग लगी हो. "
इंडोनेशियाई फायर फाइटर्स कोल राजधानी के ठीक बाहर एक सैन्य गोला-बारूद फैसिलिटी में लगी भीषण आग को बुझाने के लिए संघर्ष करना पड़ा. घटना शनिवार की है और आग लगने के कारण यहां सिलसिलेवार विस्फोट हुए और रात के आकाश में धुएं के बादल छा गए. घटना में किसी के मरने की खबर नहीं है. सैन्य अधिकारी मोहम्मद हसन ने घटनास्थल पर संवाददाताओं से कहा, आग फैसलिटी के एक हिस्से में लगी थी, जिसका इस्तेमाल समाप्त हो चुके गोला-बारूद को कलेक्ट करने के लिए किया गया था.
हसन ने जकार्ता के बाहरी इलाके बेकासी में घटनास्थल के पास एक पत्रकार वार्ता में कहा, "हमने जगह और उसके पूरे दायरे की जांच की है. यहां कोई मौत नहीं हुई है." उन्होंने कहा, "एक्सपायर हो चुके गोला-बारूद में ऐसे रसायन होते हैं जो अस्थिर हो सकते हैं. हो सकता है कि कुछ घर्षण हुआ हो जिससे आग लगी हो. "
स्थानीय नेटवर्क कॉम्पास टीवी द्वारा प्रसारित फुटेज में रात के आकाश में नारंगी रंग की आग की लपटें और धुएं के बादल उठते हुए दिखाई दे रहे हैं, जबकि कई किलोमीटर (मील) दूर से तेज विस्फोटों की आवाज सुनी जा सकती है. स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, फायर फाइटर्स और पैरामेडिक्स की टीमों को घटनास्थल के पास देखा जा सकता था, लेकिन आग भड़कने के कारण वे पास नहीं आ सके. उन्होंने बताया कि आग शाम साढ़े छह बजे लगी थी.
स्थानीय निवासी अरगा नंदा ने कम्पास टीवी को बताया कि उन्होंने एक जोरदार विस्फोट सुना था जिससे दरवाजे और खिड़कियां हिल गईं. उन्होंने कहा, लोग यह सोचकर सड़कों पर भाग गए कि यह भूकंप है. सेना के अधिकारी क्रिस्टोमी सियानतुरी ने बताया कि चैनल अधिकारी आसपास के इलाकों से लोगों को निकाल रहे हैं. उन्होंने कहा कि अग्निशमन कर्मी अभी तक आग नहीं बुझा सके हैं और इसका कारण अज्ञात है. उन्होंने निवासियों को यह भी चेतावनी दी कि वे ऐसी किसी भी वस्तु को न छूएं जो विस्फोटों द्वारा बाहर की ओर "फेंकी" जा सकती हो.

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