
'विपक्ष के नेता के पद का नहीं हुआ सम्मान...', शरद पवार ने राहुल गांधी मामले में केंद्र को घेरा
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शरद पवार ने मौजूदा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि हमें उन लोगों से सत्ता छीननी चाहिए जो इसका गलत इस्तेमाल कर रहे हैं. हाल ही में संपन्न विधानसभा सत्र का जिक्र करते हुए पवार ने बताया कि हमारे नेताओं की सतर्कता और सूझबूझ ने ‘जन सुरक्षा’ नामके काले कानून को रोका, जिसे विधानसभा में पेश किया गया था.
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के प्रमुख शरद पवार ने महाराष्ट्र में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले जरूरी बात कही है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और विपक्ष के नेता का पद एक संस्था के रूप में होता है, और इन पदों की गरिमा बनाए रखना बेहद जरूरी है. शरद पवार ने अपने भाषण में कहा कि राज्य में अगले दो महीनों के भीतर विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि हमारी एकमात्र प्राथमिकता और उद्देश्य महाराष्ट्र में सरकार बदलना होना चाहिए.
शरद पवार ने शुक्रवार को कहा कि राहुल गांधी को आखिरी पंक्ति में बिठाकर केंद्र ने विपक्ष के नेता के पद का सम्मान नहीं किया है. भले ही लोकसभा चुनाव में भाजपा को बहुमत नहीं मिला, फिर भी संविधान के लिए खतरा अभी भी खत्म नहीं हुआ है. पवार ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री संसद का सम्मान नहीं करते हैं. राकांपा (शरद पवा्र) प्रमुख ने कहा कि सत्ता में बैठे लोग संसदीय प्रक्रियाओं की कम परवाह करते हैं. उन्होंने कहा, 'केंद्र ने विपक्ष के नेता के पद का सम्मान नहीं किया.विपक्ष के नेता को आखिरी पंक्तियों में बैठाया गया.'
उन्होंने मौजूदा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि हमें उन लोगों से सत्ता छीननी चाहिए जो इसका गलत इस्तेमाल कर रहे हैं. हाल ही में संपन्न विधानसभा सत्र का जिक्र करते हुए पवार ने बताया कि हमारे नेताओं की सतर्कता और सूझबूझ ने ‘जन सुरक्षा’ नामके काले कानून को रोका, जिसे विधानसभा में पेश किया गया था. यह कानून सरकार को यह अधिकार देता कि यदि कोई व्यक्ति सरकार के खिलाफ सड़कों पर प्रदर्शन करता है, तो उसे गिरफ्तार कर 5 से 7 साल तक जेल में रखा जा सकता है. शरद पवार ने कहा कि इस तरह के गलत कानून और अधिनियम पेश किए जा रहे हैं, जिन्हें हमें हर हाल में रोकना होगा.

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