
वासेपुर का खलनायक बना 'जननायक', एक मजबूर औरत का डर मजाक कैसे हो सकता है?
AajTak
हिमंता बिस्वा सरमा को भयभीत दिखाने के लिए फिल्म गैंग्स ऑफ वासेपुर के दृश्य से प्रेरिक वायरल मीम का कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत द्वारा इस्तेमाल करना कई मायनों से आपत्तिजनक है. बेशक यह मीम सोशल मीडिया पर खूब इस्तेमाल होता है, लेकिन एक भयभीत महिला के भय को राजनीतिक छींटाकशी के लिए एक महिला द्वारा ही इस्तेमाल करना आश्चर्य पैदा करता है.
कांग्रेस की सोशल मीडिया हेड और राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने बुधवार को एक्स पर एक मीम ट्वीट किया है. फिल्म गैंग्स ऑफ वासेपुर से लिए गए दृश्य 'काहे कांप रही हो' को उन्होंने आसाम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा का मजाक बनाने के लिए इस्तेमाल किया. मीम में एक मजबूर लड़की दुर्गा (रीमा सेन) का जबड़ा दबाए हुए माफिया सरगना सरदार खान के रोल में मनोज वाजपेयी देखे जा सकते हैं. मीम के कैप्शन में लिखा है कि काहें कॉंप रही हो? इस ट्वीट पर बवाल मचा हुआ है. लोग इसे महिलाओं के प्रति सामंती मानसिकता से जोड़ रहे हैं. इसके लिए सुप्रिया श्रीनेत को टार्गेट किया जा रहा है. कई लोगों का मानना है कि महिलाओं को लेकर सुप्रिया को इस तरह की असंवेदनशीलता नहीं दिखानी चाहिए थी. वह भी एक महिला होकर.
दरअसल बुधवार को ही असम पहुंचे कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा को जेल भेजने की धमकी दी थी. उसके बाद इस तरह के मीम बनने लगे कि हिमंता जेल जाने के डर से कांप रहे हैं. इसी परिप्रेक्ष्य में कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने भी हिमंता का मजा लेना चाहा. पर सुप्रिया से भूल गईं कि उन्होंने एक मजबूर महिला पर अत्याचार करने वाले क्रूर माफिया किरदार के फोटो को मीम के रूप में ट्वीट कर दिया है. पर खुद एक महिला होते हुए अगर उन्हें एक मजबूर महिला पर अत्याचार करते गुंडे को नेता बनाकर किसी का मजाक बनाने में मजा आता है तो जाहिर है कि उनकी संवेदनशीलता पर सवाल उठेगा ही.
हिमंता की जगह मजबूर लड़की दुर्गा को दिखाकर सुप्रिया क्या कहना चाहती हैं यह समझ से परे तो है ही, राहुल गांधी/कांग्रेस की जगह कुख्यात माफिया सरदार खान को रखने की वजह भी समझ में नहीं आई. मीम समझने से पहले आइये फिल्म गैंग्स ऑफ वासेपुर की कहानी को समझते हैं.
गैंग्स ऑफ वासेपुर में दुर्गा और सरदार खान की कहानी
2012 में दो भागों में रिलीज हुई यह फिल्म सही मायने में एक अपराध कथा थी. डायरेक्टर अनुराग कश्यप को इस फिल्म ने एक अलग पहचान दी. फिल्म कोयला माफिया, जातिगत राजनीति, और वासेपुर (धनबाद) की वास्तविक घटनाओं पर आधारित है. फिल्म में सरदार खान (मनोज बाजपेयी) और एक मजबूर बंगाली लड़की स(दुर्गा) की कहानी भी है .सरदार खान की मुलाकात दुर्गा से तब होती है जब वह वासेपुर और धनबाद के कोयला माफिया गैंगवार के बीच अपने बिजनेस और वर्चस्व को बढ़ाने में लगा होता है. दुर्गा एक बंगाली प्रवासी मजदूर है. सरदार खान दुर्गा पर एक शिकारी की तरह नजर रखता है. और मौका पाकर उसे धर लेता है. घबराई हुई दुर्गा से तभी सरदार खान कहता है कि 'कांप काहे रही हो'. खैर, पहले से शादीशुदा सरदार खान दुर्गा पर हावी हो जाता है. इस बात को लेकर सरदार खान और उसकी पत्नी नफीसा (रिचा चड्ढा) के बीच काफी कलह भी होती है.

सरकार ने राज्यसभा में बताया कि निजाम के 173 बहुमूल्य गहने 1995 से भारतीय रिजर्व बैंक के वॉल्ट में कड़ी सुरक्षा में रखे गए हैं. संस्कृति मंत्रालय ने इनके ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और विरासत महत्व को स्वीकार किया है. केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने स्पष्ट किया कि फिलहाल इन गहनों को हैदराबाद में स्थायी सार्वजनिक प्रदर्शनी के लिए स्थानांतरित करने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है.

Delhi Weather: दिल्ली में फरवरी की शुरुआत मौसम में बदलाव के साथ होगी. जिसमें हल्की बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर देखने को मिलेगा. IMD के अनुसार, 31 जनवरी से 3 फरवरी तक न्यूनतम तापमान 6-8 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 19-21 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा. जनवरी में असामान्य बारिश के बाद फरवरी की शुरुआत भी ठंडी और गीली रहने की संभावना है.

जम्मू-कश्मीर से लेकर हिमाचल प्रदेश तक पहाड़ों पर भारी बर्फबारी हो रही है और दृश्य अत्यंत सुंदर हैं. इस बर्फबारी के कारण कई पर्यटक इन जगहों की ओर जा रहे हैं. रास्तों पर भारी भीड़ और जाम की स्थिति बन गई है क्योंकि कई मार्ग बंद हो गए हैं. श्रीनगर में सुबह से लगातार बर्फबारी हो रही है जिससे मौसम में बदलाव आया है और तापमान गिरा है. पुलवामा, कुलगाम, शोपियां, गुरेज सहित अन्य क्षेत्र भी इस मौसम से प्रभावित हैं.

अमेरिका का ट्रंप प्रशासन इस महीने ‘ट्रंपआरएक्स’ नाम की एक सरकारी वेबसाइट लॉन्च करने की तैयारी में है, जिसके जरिए मरीज दवा कंपनियों से सीधे रियायती दरों पर दवाएं खरीद सकेंगे. सरकार का दावा है कि इससे लोगों का दवा खर्च कम होगा. हालांकि इस योजना को लेकर डेमोक्रेट सांसदों ने गलत तरीके से दवाएं लिखे जाने, हितों के टकराव और इलाज की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं.

आज सबसे पहले दस्तक देने जा रहे हैं, पंजाब में ध्वस्त होते लॉ एंड ऑर्डर पर, पंजाब में बढ़ते, गैंग्स्टर्स, गैंगवॉर और गन कल्चर पर. जी हां पंजाब में इस वक्त एक दर्जन से ज़्यादा गैंग्स सरेआम कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ा रहे हैं, कानून के रखवालों के दफ्तरों के सामने हत्याओं को अंजाम दे रहे हैं, और तो और बिना डरे, पंजाब पुलिस, पंजाब सरकार को, पंजाब के नेताओं, मंत्रियों, उनके बच्चों, उनके रिश्तेदारों को धमकियां दे रहे हैं. देखें दस्तक.

देहरादून के विकासनगर इलाके में दुकानदार द्वारा दो कश्मीरी भाइयों पर हमला करने का मामला सामने आया है. खरीदारी को लेकर हुए विवाद के बाद दुकानदार ने मारपीट की, जिसमें 17 साल के नाबालिग के सिर में चोट आई. दोनों भाइयों की हालत स्थिर बताई जा रही है. पुलिस ने आरोपी दुकानदार संजय यादव को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है.

जिस मुद्दे पर नियम बनाकर UGC ने चुप्पी साध ली, राजनीतिक दल सन्नाटे में चले गए, नेताओं ने मौन धारण कर लिया.... रैली, भाषण, संबोधनों और मीडिया बाइट्स में सधे हुए और बंधे हुए शब्द बोले जाने लगे या मुंह पर उंगली रख ली गई. आखिरकार उन UGC नियमों पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़े सवाल पूछते हुए इन्हें भेदभावपूर्ण और अस्पष्ट मानते हुए इन नियमों पर अस्थाई रोक लगा दी. आज हमारा सवाल ये है कि क्या इन नियमों में जो बात सुप्रीम कोर्ट को नजर आई... क्या वो जनता के चुने हुए प्रतिनिधियों को दिखाई नहीं दी?






