वाराणसी के डीएम बोले- पीएम मोदी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं, तीसरी लहर को लेकर तैयारियां शुरू
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वाराणसी के जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने DM e-कॉन्क्लेव में बताया कि रेमडेसिविर को लेकर गुजरात की एक कंपनी के साथ करार किया था. रेमडेसिविर को लेकर हमने अस्पताल में उपलब्धता और कीमत को लेकर जानकारी दी.
DM e-कॉन्क्लेव में वाराणसी के डीएम कौशल राज शर्मा ने बताया कि वर्तमान में वाराणसी में एक्टिव केस सिर्फ 7700 हैं. पीक के समय यह संख्या 26-27 हजार के करीब हुआ करती थी. जो अभियाान चलाए हैं उनका परिणाम हुआ कि संक्रमण भी घटा और बेड और बाकी सुविधाओं को बढ़ाने में भी मदद मिली है. शुरू में हमें 10-12 एंबुलेंस की जरूरत पड़ती थी, लेकिन बाद में इसे बढ़ाकर 38 किया गया. एंबुलेंस का रिस्पॉन्स टाइम घटाकर आठ से दस मिनट है. बड़े अस्पतालों में हमने हेल्प डेस्क भी बनायी, इनसे जुड़े लोग एंबुलेंस से मरीज को उतारने में मदद करते थे और रिस्पॉन्स टाइम को घटाने में मदद करते थे. रेमडेसिविर को लेकर गुजरात की कंपनी से करार- डीएमजहां तक रेमेडेसिविर की बात है तो वारणसी में अब तक औसत 700 रेमडेसिविर रोजाना बांटी है. हमें सरकारी सप्लाई मिलती थी, इसके अलावा हमने गुजरात की एक कंपनी के साथ भी रेमडेसिविर को लेकर करार किया था. रेमडेसिविर को लेकर हमने अस्पताल में उपलब्धता और कीमत को लेकर जानकारी दी. राज्य सरकार से आपूर्ति बढ़ने के बाद हमने अब कलेक्ट्रेट में स्टॉल लगाए हैं, कोई डॉक्टर का पर्चा लेकर रेमडेसिविर ले सकता है.More Related News













