
परीक्षा केंद्र पर एंट्री नहीं मिलने से छात्रा ने दी थी जान, अब तेजस्वी यादव बोले- 'नीतीश-भाजपा सरकार…'
ABP News
Tejashwi Yadav: तेजस्वी यादव ने सरकार से परिजनों को मुआवजा देने की मांग की है. अपील की है कि जाम आदि के कारण चंद मिनटों से परीक्षा केंद्र पर देरी से पहुंचने पर प्रवेश दिया जाए.
पटना से सटे मसौढ़ी थाना क्षेत्र में एक मैट्रिक की छात्रा की रेलवे ट्रैक से लाश मिली थी. वह मैट्रिक की छात्रा थी. परीक्षा केंद्र पर 10 मिनट देरी होने के चलते एंट्री नहीं मिली तो उसने जान दे दी. इस पर विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने शुक्रवार (20 फरवरी, 2026) को सरकार को घेरते हुए हमला बोला. कहा की नीतीश-भाजपा सरकार बिहार की बेटियों के लिए काल है.
अपने एक्स पोस्ट में तेजस्वी यादव ने लिखा है, "बिहार की बेटियों का काल बनी नीतीश-भाजपा सरकार. पटना जिले के मसौढ़ी थाना क्षेत्र की कोमल कुमारी दसवीं की छात्रा थी. मां-बाप की उम्मीद और सुनहरे भविष्य की आशा. 10वीं कक्षा की पहली परीक्षा थी. जाम और अव्यवस्था के चलते परीक्षा केंद्र पहुंचने में कुछ मिनटों की देरी हो गई और उसे परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं मिला."
"उसके लिए बिहार सरकार सारे दरवाजे बंद कर चुकी थी. यह केवल स्कूल का दरवाजा ही नहीं था बल्कि दरवाजा उसके भविष्य का, उसकी सफलता का, उसकी नियति का और सबसे बढ़कर दरवाजा उसके जीवन का. कोमल कुमारी ने गुहार लगाई, मिन्नतें की कि उसे परीक्षा में बैठने दिया जाए पर किसी का दिल नहीं पसीजा. अंत में इस सरकारी व्यवस्था से निराश, हताश और परेशान होकर बिहार की इस कोमल बेटी ने कठोर बन ट्रेन के आगे कूद कर अपनी जान दे दी."
तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहारी होने के नाते हम दुखी हैं, गमजदा हैं और हताश हैं. क्रूर निकम्मी सरकार के शासन में आखिर बेटियों की जान लीलती इन अव्यवस्थाओं का कोई अंत भी तो नहीं दिखाई देता. हर जगह से तस्वीरें और वीडियो आ रहे हैं, बेटियां परीक्षा केंद्र के बंद गेट के आगे रो रही हैं पर दुख सुनने वाला कोई नहीं है.













