
बाबर के नाम पर मस्जिद बनाने का विरोध करने वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की, देश के सभी राज्यों को रोक का आदेश देने की थी मांग
ABP News
देवकीनंदन पांडे नाम के याचिकाकर्ता ने पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद के नाम से इमारत के निर्माण की जानकारी कोर्ट को दी थी.
बाबर के नाम पर मस्जिद बनाने का विरोध करने वाली याचिका सुनने से सुप्रीम कोर्ट ने मना कर दिया है. याचिकाकर्ता का कहना था कि बाबर एक विदेशी आक्रांता था. उसके नाम पर मस्जिद नहीं बननी चाहिए, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी.
देवकीनंदन पांडे नाम के याचिकाकर्ता ने पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद के नाम से इमारत के निर्माण की जानकारी कोर्ट को दी थी. उत्तर प्रदेश के अयोध्या के रहने वाले याचिकाकर्ता ने इसे सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश बताया था. याचिकाकर्ता ने देश भर में इस तरह की इमारत का निर्माण प्रतिबंधित करने की मांग की थी.
याचिका में केंद्र सरकार के साथ ही सभी राज्यों और केंद्र शासित क्षेत्रों को पक्ष बनाया गया था. याचिकाकर्ता ने मुख्य रूप से 2 मांगें की थीं :-
शुक्रवार (20 फरवरी, 2026) को मामला सुनवाई के लिए जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच में सुनवाई के लिए लगा. याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि बाबर एक विदेशी आक्रमणकारी था. वह हिंदुओं को गुलाम कहता था. जो लोग उसके नाम को सम्मानित करना चाहते हैं, उनके विरुद्ध कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन कोर्ट ने मामला सुनने से मना कर दिया.













