
वादा निभाएगा पाकिस्तान? सऊदी में बढ़ रही बैचेनी, प्रिंस सलमान से मिलने फिर जा रहे शहबाज शरीफ
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ईरान युद्ध के बाद पाकिस्तान सऊदी अरब और ईरान के साथ डबल गेम खेल रहा है. पाकिस्तान बार बार सऊदी अरब के दरवाजे पर हाजिरी दे रहा है और अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहा है. इधर सऊदी ने ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई को शहीद बताया है और ईरान के साथ मुस्लिम उम्माह यानी की दुहाई दी है.
मुस्लिम उम्माह का खिलाड़ी बनने वाला पाकिस्तान ईरान और सऊदी के बीच बैलेंसिंग एक्ट करते करते हांफ रहा है. 7 मार्च को सऊदी अरब के दौरे पर गए पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर की थकान भी नहीं उतरी होगी. अब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ आज यानी 12 मार्च को एक बार फिर सऊदी की यात्रा पर निकल गए हैं. इस यात्रा को छोटा लेकिन रणनीतिक लिहाज से वजनी बताया जा रहा है.
कहानी यहीं खत्म नहीं होती है, जब ये जंग शुरू हुई उस दौरान भी पाकिस्तान के डिप्टी प्राइम मिनिस्टर इशाक डार सऊदी में भी मौजूद थे.
सऊदी अरब और पाकिस्तान ने पिछले साल सितंबर में एक सुरक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किया था. इसके मुताबिक सऊदी अरब पर हुआ हमला पाकिस्तान पर हुआ हमला माना जाएगा और पाकिस्तान पर हुआ हमला पाकिस्तान पर हमला माना जाएगा.
पाकिस्तान जिम्मेदारी पूरी करेगा या नहीं
लेकिन पाकिस्तान का ये गम तब उल्टा पड़ गया जब US और इजरायल ने मिलकर ईरान पर हमला किया. इसके बाद ईरान ने जवाबी हमला करते हुए खाड़ी के देशों पर बैलेस्टिक मिसाइल और ड्रोन दागे. इनमें सऊदी अरब भी शामिल था.
कायदे से पाकिस्तान को सऊदी अरब की रक्षा करने के लिए ईरान पर हमला कर चाहिए था. लेकिन ईरान के साथ अपने अच्छे संबंधों और भौगोलिक नज़दीकी को देखते हुए पाकिस्तान ने अपना वचन नहीं निभाया. इसके बाद सऊदी अरब में नाराजगी है. सऊदी पावर कॉरिडोर में यह बेचैनी बढ़ रही है कि पाकिस्तान सऊदी अरब के प्रति अपनी ज़िम्मेदारी पूरी करेगा या नहीं.

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