
'लो छुड़वाओगे हमसे कोरियन...' तीन बहनों को मौत के मुंह तक कैसे ले गया मोबाइल गेम? गाजियाबाद की हॉरर स्टोरी
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गाजियाबाद की सोसायटी में 9वीं मंजिल से कूदकर जान देने वाली तीन नाबालिग बहनों के मामले ने देश को झकझोर दिया है. मौके से मिली डायरी, मोबाइल एडिक्शन, कोरियन कंटेंट का प्रभाव और कथित ऑनलाइन गेम टास्क... इन सभी एंगल्स की पुलिस जांच कर रही है. सवाल है- क्या डिजिटल दुनिया का खतरनाक असर इस दर्दनाक अंत की वजह बना?
गाजियाबाद की हाईराइज सोसायटी... रात का सन्नाटा... घड़ी में करीब दो बज रहे थे. ज्यादातर फ्लैटस् की लाइटें बंद थीं. मगर एक फ्लैट में रोशनी थी. किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही पलों में यहां से ऐसी खबर निकलेगी, जो झकझोर कर रख देगी. इसी फ्लैट में रहने वाली तीन नाबालिग बहनों ने बालकनी से कूदकर जान दे दी. उम्र- 15, 14 और 12 साल... पीछे छूट गई एक 18 पन्नों की डायरी, कुछ तस्वीरें, और ऐसे सवाल- जिनका जवाब ढूंढने में पुलिस भी जुटी है और परिवार भी. इस केस ने मोबाइल एडिक्शन, ऑनलाइन गेम और डिजिटल इन्फ्लुएंस के खतरनाक असर पर बहस छेड़ दी है.
घटना वाली रात करीब दो बजे बालकनी से तीनों बहनों ने छलांग लगाई. सोसायटी के कुछ लोगों ने देर रात बालकनी में हलचल देखी, लेकिन जब तक कोई समझ पाता, तीनों नीचे गिर चुकी थीं. सूचना मिलने पर पुलिस और एंबुलेंस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी.
यह परिवार पिछले करीब तीन महीने से उस सोसायटी में किराए पर रह रहा था. पिता शेयर मार्केट ट्रेडिंग से जुड़े हैं. परिवार की आर्थिक स्थिति कोरोना काल के बाद कमजोर हुई. पिता की दो शादियां हैं. घरेलू माहौल, आर्थिक दबाव और बच्चों की मानसिक स्थिति- तीनों पहलुओं की जांच की जा रही है.
डायरी में लिखी पंक्तियों ने बढ़ाई सनसनी
पुलिस के मुताबिक मौके से एक डायरी मिली है. 18 पन्नों की इस डायरी के पहले पन्ने पर ऊपर लिखा है- 'ट्रू लाइफ स्टोरी, नीचे रोमन इंग्लिश में- इस डायरी में जो कुछ भी लिखा है वो सब पढ़ लो, क्योंकि ये सब सच है... रीड नाउ' दर्ज है. पन्ने के आखिर में लिखा- आई एम रियली सॉरी... सॉरी पापा और साथ में रोती हुई लड़की का इमोजी बना हुआ.

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