
लोकसभा में NEET के मुद्दे को उठाएगा INDIA ब्लॉक, NDA ने जवाब देने के लिए की ये तैयारी
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कांग्रेस अध्यक्ष मलिकार्जुन खड़गे के आवास पर इंडिया गठबंधन के नेताओं की बैठक में नीट मसले पर विस्तार से चर्चा हुई. दरअसल, इस बात पर आम सहमति थी कि विपक्ष नीट पेपर लीक पर चर्चा के लिए दबाव बनाएगा.
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इमरजेंसी पर प्रस्ताव पढ़ा और अगले दिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने अभिभाषण में इमरजेंसी के दौरान की गई ज्यादतियों का जिक्र किया, इसके बाद एक बार फिर पक्ष-विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं. इंडिया गठबंधन सरकार को संसद में खुली छूट देने के मूड में नहीं है, जबकि सरकार भी पीछे हटने को तैयार नहीं है. अगले कुछ दिनों में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा होने वाली है, लेकिन विपक्ष सरकार पर नए हमले करने की तैयारी में है.
कांग्रेस अध्यक्ष मलिकार्जुन खड़गे के आवास पर इंडिया गठबंधन के नेताओं की बैठक में नीट मसले पर विस्तार से चर्चा हुई. दरअसल, इस बात पर आम सहमति थी कि विपक्ष नीट पेपर लीक पर चर्चा के लिए दबाव बनाएगा. बैठक में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, एनसीपी नेता शरद पवार और सुप्रिया सुले, डीएमके नेता कनिमोझी, शिवसेना यूबीटी नेता संजय राउत, प्रियंका चतुर्वेदी और अरविंद सावंत, आप नेता संजय सिंह और संदीप पाठक और अन्य शामिल हुए.
वामपंथी नेता विकास रंजन भट्टाचार्य ने कहा, 'शुक्रवार को हम NEET मुद्दे पर चर्चा की अपनी मांग पर अड़े रहेंगे. अब समय आ गया है कि सरकार इस पर जवाब दे. हम सोमवार से राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव में भाग लेंगे.'
कांग्रेस अध्यक्ष राज्यसभा में विपक्ष के नेता भी हैं, उन्होंने सदन में उचित समन्वय सुनिश्चित करने के प्रयास में तीन दिनों के भीतर सदन के नेताओं के साथ दो बैठकें की हैं.
दरअसल, इंडिया ब्लॉक शीर्ष नेताओं के बीच बढ़ती ताकत और सौहार्द के प्रदर्शन से एकता का संदेश देना चाहती है. इंडिया ब्लॉक के सभी नेता अध्यक्ष से शिष्टाचार भेंट करने गए. बैठक के दौरान नवनियुक्त विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने अध्यक्ष से कहा कि उनके संबोधन के दौरान आपातकाल का उल्लेख टाला जा सकता था और निश्चित रूप से इसमें राजनीतिक निहितार्थ थे. इंडिया ब्लॉक की ओर से आक्रामक रुख के कारण सदन में राजनीतिक गतिशीलता में बदलाव आया है.
NDA का जवाबी हमला राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस के दौरान विपक्ष का मुकाबला करने के लिए एनडीए की क्या है रणनीति? राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद संसद के दोनों सदनों में धन्यवाद प्रस्ताव पेश किया जाएगा. प्रस्ताव पर चर्चा 21 घंटे तक चलने की संभावना है. अनुराग ठाकुर एनडीए की ओर से पहले वक्ता होंगे, जबकि भाजपा को 8 घंटे आवंटित किए गए हैं.

आज जब वक्त इतना कीमती हो गया है कि लोग हरेक चीज की दस मिनट में डिलीवरी चाहते हैं. वहीं दूसरी तरफ विडंबना ये है कि भारत का एक शहर ऐसा है जहां इंसान को कहीं जाने के लिए सड़कों पर ट्रैफिक में फंसना पड़ता है. यहां हर साल औसतन 168 घंटे लोग ट्रैफिक में फंसे रहते हैं. यानी पूरे एक हफ्ते का समय सिर्फ ट्रैफिक में चला जाता है.

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