
लेबनान में 8 इजरायली सैनिक मारे गए, नेतन्याहू ने ईरान की कड़ी निंदा की
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इजरायल ने बुधवार को कहा कि घुसपैठ शुरू होने के बाद हिज़्बुल्लाह के आतंकवादियों से लड़ते हुए दक्षिणी लेबनान में उसके आठ सैनिकों की जान चली गई. ईरान और इजरायल के बीच अब तनाव और बढ़ गया है.
इजरायल ने बुधवार को कहा कि घुसपैठ शुरू होने के बाद हिज़्बुल्लाह के आतंकवादियों से लड़ते हुए दक्षिणी लेबनान में उसके आठ सैनिकों की जान चली गई. ईरान और इजरायल के बीच अब तनाव और बढ़ गया है. क्योंकि इजरायल ने ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल हमले का जवाब देने का वादा किया है.
इजरायली सेना ने इस बारे में कोई डिटेल नहीं दिया कि उसके सैनिक कैसे मारे गए, लेकिन पहले उसने कहा था कि हिज़्बुल्लाह के साथ 'नज़दीकी' लड़ाई हुई थी. दक्षिणी लेबनान पर इजरायल के ज़मीनी आक्रमण के दूसरे दिन झड़पें हुईं.
इजरायली सेना ने फुटेज जारी किया बुधवार सुबह इजरायली सेना ने अपने 36वें डिवीजन के लेबनान में घुसने का फुटेज जारी किया. मौजूदा समय में दक्षिणी लेबनान में दो इजरायली डिवीजन सक्रिय हैं, जिनका टारगेट एरिया हिज़्बुल्लाह के बुनियादी ढांचे को नष्ट करना है.
ईरान समर्थित उग्रवादी समूह हिजबुल्लाह ने कहा कि उसके लड़ाकों ने कम से कम एक लेबनानी शहर, मारून अल-रास में इजरायली सेना से मुठभेड़ की है. यह खाली कराए गए इजरायली शहर अवीविम से करीब एक मील की दूरी पर स्थित है. मिलिशिया ने दावा किया कि उसने अवीविम को रॉकेट से निशाना बनाया था.
इजरायल कभी भी कर सकता है हमला ईरान ने इजरायल पर हमला करके पूरे मिडिल ईस्ट को बड़े युद्ध के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है. इस बीच इजरायल के आर्मी चीफ ने कहा है कि उनका देश मिडिल ईस्ट में कहीं भी हमला कर सकता है. ये बयान इसलिए अभी बहुत अहम है क्योंकि मंगलवार रात ईरान के अटैक के बाद से अब तक इजरायल ने ईरान को सीधा जवाब नहीं दिया है. लेकिन इसके बाद एक बड़े युद्ध की आशंका बढ़ गई है. इटली पीएम मेलोनी द्वारा जी7 की आपात बैठक बुलाई गई. जी7 देशों ने ईरान द्वारा इजरायल पर किए हमले की निंदा की.
इसके बाद व्हाइट हाउस ने बयान जारी किया और कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने बुधवार को जी7 नेताओं के साथ बातचीत की, जिसमें इजरायल पर ईरान के हमले के जवाब में नए प्रतिबंधों सहित समन्वय स्थापित करना शामिल है. बाइडेन ने कहा कि वह ईरानी परमाणु स्थलों पर हमले का समर्थन नहीं करेंगे, क्योंकि इजरायल ने बैलिस्टिक मिसाइल हमले का जवाब देने का वादा किया है. साथ ही ईरान पर और पाबंदियां लगाने की बात भी कही.

ईरान ने दावा किया है कि उसकी नेवी के एयर डिफेंस ने दो अमेरिकी ड्रोन मार गिराए. ईरान की स्टेट मीडिया के मुताबिक ये दोनों सुसाइड ड्रोन कथित तौर पर अमेरिकी सेना के थे. ईरान की सेना के मुताबिक ड्रोन का पता लगाया गया, उसे ट्रैक किया गया और इससे पहले कि वो बंदर अब्बास नौसैनिक बेस को निशाना बनाते, उन्हें मार गिराया गया. देखें वीडियो.

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को होर्मुज पर धमकी अब उन्हीं पर उलटी पड़ चुकी है. ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे की डेडलाइन देकर होर्मुज खोलने को कहा था, जिसके बाद अब ईरान ने ट्रंप के स्टाइल में ही उन्हें जवाब देते हुए कहा कि यदि अमेरिका उनपर हमला करेगा तो ईरान भी अमेरिका के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएगा.









