
लालदुहोमा: वो नेता जिसने सबसे पहले गंवाई थी लोकसभा की सांसदी, गांधी फैमिली से था कनेक्शन
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लोकसभा सचिवालय ने जिन कारणों का हवाला देते हुए शुक्रवार को राहुल गांधी की सदस्यता रद्द कर दी है, उसी तरह के मामले में सांसदी गंवाने वाले लालदुहोमा पहले शख्स थे. मिजोरम के रहने वाले लालदुहोमा राज्य विधानसभा से निष्कासित होने वाले भी पहले शख्स ही थे. आइए जानें कि कौन हैं लालदुहोमा.
लालदुहोमा एक ऐसे राजनेता जिन्हें कि देश के लोकतांत्रिक इतिहास में अनोखे कारणों से याद किया जाता है. शुक्रवार को लोकसभा सचिवालय ने जिन कारणों का हवाला देते हुए राहुल गांधी की सदस्यता रद्द की, उसी तरह के एक्शन के मामले में अपनी सदस्यता गंवाने वाले पहले शख्स लालदुहोमा ही थे.
कभी इंदिरा गांधी की सुरक्षा के प्रमुख रहे पूर्व IPS अधिकारी लालदुहोमा ने जब राजनीति में कदम रखा तो वो उन्हें भी अंदाजा नहीं होगा कि उनका नाम इतिहास में ऐसे याद रखा जाएगा. दरअसल लालदुहोमा एक पूर्व IPS अधिकारी थे. एक वक्त में वो प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की सुरक्षा के चीफ थे. इसी दौरान उन्होंने अपनी नौकरी से इस्तीफा दिया और कांग्रेस जॉइन कर ली. उन्होंने चुनाव लड़ा, जीता और कुछ समय बाद कांग्रेस छोड़ने का फैसला किया. बस तभी उनपर एक्शन हुआ और वे लोकसभा से सदस्यता गंवाने वाले पहले शख्स बने.
इंदिरा गांधी से प्रेरित होकर राजनीति में रखा कदम
लालदुहोमा ने इंदिरा गांधी से प्रेरित होकर ही राजनीति में कदम रखा था. वे एक IPS अधिकारी थे और इंदिरा गांधी की सुरक्षा सेवा में तैनात थे. साल 1966 मिजोरम में एक विद्रोह शुरू हुआ. इसके बाद धीरे-धीरे मिजोरम में राजनीतिक और सामाजिक उथल-पुथल काफी बढ़ गया. इसे देखते हुए लालदुहोमा ने 1984 में कांग्रेस पार्टी में शामिल होने के लिए अपनी पुलिस की नौकरी से इस्तीफा दे दिया. इसके बाद इंदिरा गांधी के मंत्रालय ने उन्हें विद्रोही नेता लालडेंगा से बातचीत कर उग्रवाद का समाधान करने का जिम्मा सौंपा. इस शांति वार्ता के लिए लालदोहमा ने लंदन गए और लालडेंगा के सामने प्रस्ताव रखा कि भारत सरकार शांति वार्ता के लिए राजी है. विद्रोही नेता लालडेंगा उनकी बात को माने और उन्होंने मिजोरम की जनता के लिए मैसेज रिकॉर्ड किया जिसमें लालडेंगा ने अपने विद्रोही लोगों से शांति की अपील की. उनके इस एक मैसेज से राज्य में अमन चैन लौट और इंदिरा गांधी की नजरों में लालदुहोमा अब हीरो बन चुके थे.
इंदिरा की नजरों में बने स्टार
मिजोरम के पूर्व मुख्यमंत्री ललथनहवला ने बाद में लालदुहोमा के बारे में बताया था कि लालदुहोमा द्वारा रिकॉर्ड किए गए इसी मैसेज की वजह से 1984 के मिजोरम विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को जीत मिली थी. इस दौरान लालदुहोमा लुंगलेई निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव भी लड़े थे. लेकिन हार गए. उनकी राजनीतिक स्थिति को महसूस करते हुए, इंदिरा गांधी ने मिजोरम के राज्यपाल एच.एस. दुबे को लालदुहोमा के लिए प्रावधान और विशेषाधिकार देने के लिए कहा. तब लालदुहोमा को तुरंत कैबिनेट मंत्रियों के पद पर मिजोरम राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया.

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