
लद्दाख बॉर्डर पर सैनिकों की वापसी के बाद 3-M फॉर्मूले पर काम करने को राजी भारत और चीन
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भारत और चीन के बीच आगे की राह आसान करने के लिए 3-M फॉर्मूले को लेकर बात हुई है, जिसके आधार पर विवाद को निपटाया जाएगा. इसमें आपसी सम्मान, आपसी संवेदनशीलता और आपसी हित को ध्यान में रखा जाएगा.
भारत और चीन के बीच लद्दाख विवाद के मुद्दे को सुलझाया जा रहा है. दोनों देशों की सेनाएं अब पैंगोंग लेक इलाके से पीछे हटने लगी हैं. इस बीच विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने चीनी विदेश मंत्री वांग यी से फोन पर बात की है. दोनों नेताओं के बीच करीब 75 मिनट की चर्चा हुई, जिसमें मौजूदा स्थिति का आकलन किया गया है. दोनों ही देशों ने आगे की राह को आसान बनाने के लिए 3 एम फॉर्मूले पर काम करने की बात कही है. बातचीत में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि पैंगोंग लेक से सैनिकों के पीछे हटने के साथ ही, दोनों देशों को ईस्टर्न लद्दाख के अन्य विवादित मुद्दों को भी सुलझाना चाहिए. वहीं, चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने भी लद्दाख सीमा से पीछे हट रहे सैनिकों पर संतुष्टि जताई. उन्होंने कहा कि दोनों ही देशों को एक साथ आकर मुद्दे को सुलझाना होगा. भारत और चीन के बीच आगे की राह आसान करने के लिए 3-M फॉर्मूले को लेकर बात हुई है, जिसके आधार पर विवाद को निपटाया जाएगा. इसमें आपसी सम्मान, आपसी संवेदनशीलता और आपसी हित को ध्यान में रखा जाएगा. इस फॉर्मूले को भारत द्वारा सुझाया गया था, जिसे चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने भी स्वीकारा और इसे लागू करने की बात कही. दोनों ही देशों की ओर से उम्मीद जताई गई है कि वो लगातार संपर्क में बने रहेंगे, हॉटलाइन के जरिए चर्चा करेंगे. आपको बता दें कि भारत और चीन के बीच अप्रैल 2020 के बाद से ही लद्दाख सीमा पर हालात तनावपूर्ण बने हुए थे. दोनों देशों की ओर से हजारों की संख्या में सैनिकों की तैनाती की गई थी, जून 2020 में गलवान घाटी में भिड़ंत भी हुई थी. इसमें भारत के 20, चीन के 4 (PLA ओर से जारी आंकड़ा) की मौत हुई थी. करीब एक साल तक तनाव की स्थिति के बाद बीते दिनों ही दोनों देशों ने आपस में समझौता किया है. अब पैंगोंग इलाके से दोनों देशों ने सैनिकों को पीछे हटा लिया है. समझौते के मुताबिक, चीन पैंगोंग लेक की फिंगर 8 पर वापस जाएगा और भारत फिंगर 3 पर रहेगा. कुछ वक्त के लिए पेट्रोलिंग बंद कर दी जाएगी.
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