'रैली में AK-47 लेकर आया हमलावर', फवाद चौधरी ने बताया इमरान खान पर कैसे हुआ हमला
AajTak
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान फायरिंग में घायल हो गए हैं. जिन्हें आनन-फानन में इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. इमरान पर यह कातिलाना हमला एक रैली के दौरान हुआ है, जसमें कुल 6 लोग जख्मी बताए जा रहे हैं.
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान फायरिंग में घायल हो गए हैं. जिन्हें आनन-फानन में इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. इमरान पर यह कातिलाना हमला एक रैली के दौरान हुआ है, जसमें 9 लोग जख्मी बताए जा रहे हैं और 1 की मौत हुई है. आजतक से एक्सक्लूसिव बातचीत में इमरान खान के करीबी और पाकिस्तानी नेता फवाद चौधरी ने बताया कि इमरान खान पर फायरिंग करने के लिए हमलावर AK-47 लेकर आया था. जिससे फायरिंग की गई. इस गोलीबारी में इमरान खान के दाएं पैर में गोली लगी है. जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
बता दें कि इमरान खान को तोशखाना मामले में दोषी पाया गया है. जिसके बाद से वह पाकिस्तान में आजादी मार्च निकाल रहे हैं. वे वर्तमान सरकार के खिलाफ सड़क पर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं. तोशखाना मामला 2018 का है. जिसमें पाकिस्तान चुनाव आयोग ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की संसद सदस्यता रद्द कर दी है. खान पर आरोप है कि उन्होंने प्रधानमंत्री रहते हुए जो तोहफे लिए थे, उसके बारे में गलत जानकारी दी.
इमरान को विदेशों से मिले थे कीमती गिफ्ट
इमरान खान 2018 में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बने थे. उन्हें अरब देशों की यात्राओं के दौरान वहां के शासकों से महंगे गिफ्ट मिले थे. उन्हें कई यूरोपीय देशों के राष्ट्रप्रमुखों से भी बेशकीमती गिफ्ट मिले थे, जिन्हें इमरान ने तोशाखाना में जमा करा दिया था. लेकिन इमरान खान ने बाद में तोशाखाना से इन्हें सस्ते दामों पर खरीदा और बड़े मुनाफे में बेच दिया. इस पूरी प्रक्रिया को उनकी सरकार ने बकायदा कानूनी अनुमति दी थी. आरोप लगा कि इमरान को कुल 5.8 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था. इसी मामले में इमरान की सदस्यता रद्द करने का फैसला हुआ.

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर संभावित हमलों को पांच दिनों के लिए रोकने का निर्देश दिया, जिसका कारण दोनों देशों के बीच जारी सकारात्मक बातचीत बताया गया. डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि ईरान से पांच दिनों के भीतर डील हो सकती है. हालांकि, ईरान इन दावों को खारिज कर रहा है. इससे पहले अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने को लेकर चेतावनी दी थी, जिस पर ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी.

ईरान लगातार इजरायल को निशाना बना रहा है. यरुशलम में ईरान के हमले की आशंका को लेकर सायरन बजे. आनन-फानन में लोग बम शेल्टर की ओर भागे. ये सायरन ईरान से मिसाइल और ड्रोन हमलों की चेतावनी देते हैं. हमसे ले पहले कुछ मिनटों का ही समय होता है जिसमें इजरायली नागरिक अपने करीबी बम शेल्टर में तब तक शरण लेते हैं जब तक कि खतरा टल न जाए. देखें वीडियो.

ईरान ने दावा किया है कि उसकी नेवी के एयर डिफेंस ने दो अमेरिकी ड्रोन मार गिराए. ईरान की स्टेट मीडिया के मुताबिक ये दोनों सुसाइड ड्रोन कथित तौर पर अमेरिकी सेना के थे. ईरान की सेना के मुताबिक ड्रोन का पता लगाया गया, उसे ट्रैक किया गया और इससे पहले कि वो बंदर अब्बास नौसैनिक बेस को निशाना बनाते, उन्हें मार गिराया गया. देखें वीडियो.

ईरान-इजरायल युद्ध आज अपने 24वें दिन में प्रवेश कर चुका है, लेकिन शांति की कोई गुंजाइश दिखने के बजाय यह संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है. ईरान द्वारा इजरायल के अराद और डिमोना शहरों पर किए गए भीषण मिसाइल हमलों से दुनिया हैरान है. ये शहर रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील हैं, इसलिए अब यह जंग सीधे तौर पर परमाणु ठिकानों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गई है. युद्ध का सबसे घातक असर ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है.

तेल टैंकरों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता खोलने को लेकर ईरान को ट्रंप ने 48 घंटे की धमकी थी. समय सीमा खत्म होने से पहले ही नेटो एक्शन में आ गया है. नेटो महासचिव ने बताया कि होर्मुज में मुक्त आवाजाही सुवनिश्चित करने के लिए 22 देशों का समूह बन रहा है. साथ ही उन्होनें कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका का कदम जरूरी था.








