
रेप यहां म्युचुअल इंटिमेसी है, कॉम्प्रोमाइज का मतलब सर्वाइवल... मॉडल्स से जानिए ग्लैमर की दुनिया का ‘सच’!
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'एजेंट ने मुझे जूस में डूबे रुई के गोले खाने को कहा. इससे भूख भी नहीं लगेगी और वजन भी काबू रहेगा.' फैशन शो के ऐन पहले मॉडल्स उल्टियां करती हैं ताकि पेट धंसा रहे. हमारी दुनिया का अंधेरा यहीं खत्म नहीं होता! 18 साल की उम्र में डिजाइनर से लेकर गॉडफादर तक ने मेरा फायदा उठाया. शिकायत के लिए कोई नहीं था. न परिवार, न कोई यूनियन. ये वो शिकारी हैं, जो हमारे बिखरेपन पर निशाना साधते हैं'.
मलयालम फिल्म इंडस्ट्री में हेमा कमेटी की रिपोर्ट ने हड़कंप मचाया हुआ है. लंबे समय तक शारीरिक-मानसिक शोषण झेल चुकी महिलाओं ने कितने ही राज खोले. ये किस्सा केरल की चौहद्दी तक नहीं रुकता. न ही फिल्मों तक सिमटा है. इसकी छाया फैशन इंडस्ट्री पर भी डोलती रहती है.
5'11 कद और बेहतरीन सजधज वाली मॉडल्स की आंखों के नीचे स्याही की कितनी ही कटोरियां छिपी होती हैं. उनके पर्स भले फूले हुए हों, लेकिन पेट खाली रहना चाहिए.
एक मॉडल फोन पर कहती हैं- 'कमउम्र लड़कियां यहां एक वक्त पर एक-दो-तीन या कई-कई शिकारियों के बीच घिरी रहती है. जो भी जैसा कहे, मानना ही होगा. बेहद इंटीमेट इस इंडस्ट्री में कोई कायदा, कोई लिखा-पढ़ी नहीं. आप कामयाब तभी तक हैं, जब तक चुप हैं.'
इस चुप्पी के भीतर तक जाना आसान नहीं. पहचान छिपाने के भरोसे के बाद भी कई मॉडल्स इनकार कर देती हैं. कुछ राजी हुईं, लेकिन कहानी कहते हुए जोड़ती हैं- ये मेरी दोस्त के साथ हुआ. मुझे तो इंडस्ट्री में भले आदमी ही मिले.
सिर्फ एक कहती है- टिके रहने के लिए गॉडफादर होना जरूरी है. पावरफुल. फिर कोई आप पर हाथ नहीं डालेगा, सिवाय उसके. फोन पार कसैली हंसी.
लगभग 18 की थी, जब एक बड़े फैशन शो के लिए शॉर्टलिस्ट हुई. किसी स्कॉउट ने मेरा नाम सुझाया था, जब मैं शॉपिंग मॉल में घूम रही थी.

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