
रूस-NATO तीसरे विश्व युद्ध से बस एक कदम दूर... राष्ट्रपति चुनाव फिर जीतते ही पुतिन ने दी पश्चिमी देशों को चेतावनी
AajTak
यूक्रेन के साथ जंग के बीच रूस और पश्चिम में तनाव बढ़ रहा है. पुतिन ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को जवाब दिया और चेताया कि नाटो और रूस के साथ टकराव, तीसरे विश्व युद्ध की तरफ पहला कदम होगा. मैक्रों ने भविष्य में यूक्रेन में सैन्य तैनाती की संभावना जताई थी.
व्लादिमीर पुतिन, रूस के पांचवीं बार राष्ट्रपति बने हैं. यूक्रेन के साथ जंग के बीच हुए चुनाव में जीत के तुरंत बाद उन्होंने पश्चिमी गठबंधन NATO को चेतावनी भी दी. उन्होंने चेताया कि रूस और नाटो के बीच सीधा टकराव तीसरे विश्व युद्ध की तरफ पहला कदम होगा. साथ ही उन्होंने कहा कि शायद ही कोई ऐसा मंजर चाहेगा.
यूक्रेन के साथ जंग की वजह से पश्चिम और रूस के संबंध अपने सबसे खराब स्तर पर हैं. पुतिन ने सिर्फ तीसरे विश्व युद्ध की ही चेतावनी नहीं दी है, बल्कि उन्होंने परमाणु युद्ध को लेकर भी आगाह किया और कहा कि हालांकि, उन्हें कभी परमाणु के इस्तेमाल की जरूरत महसूस नहीं हुई.
यह भी पढ़ें: रूस में कायम रहेगी व्लादिमीर पुतिन की सरकार, करीब 88% वोटों के साथ जीता राष्ट्रपति चुनाव
मैक्रों ने जताई थी यूक्रेन में सैन्य तैनाती की संभावना
राष्ट्रपति पुतिन का बयान माना जा रहा है कि फ्रेंच राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बयान पर आया है, जिन्होंने भविष्य में यूक्रेन में सैन्य तैनाती की संभावना जताई थी. फ्रांस नाटो गठबंधन का हिस्सा है लेकिन गठबंधन के लगभग ताकतवर मुल्कों ने मैक्रों के बयान से दूरी बनाई.
हालांकि, उत्तरी यूरोपीय देशों ने फ्रेंच राष्ट्रपति के बयान का समर्थन किया था, जिसमें यूक्रेन और पोलैंड जैसे नाटो देश भी आते हैं. मैक्रों के बयान के बारे में पूछे जाने पर पुतिन ने कहा, "इस मॉडर्न दुनिया में कुछ भी मुमकिन है."

आज सबसे पहले आपको उस रिपोर्ट के बारे में बताएंगे, जिसके मुताबिक अमेरिका ने ईरान पर हमले की तारीख मुकर्रर कर दी है. और ये हमला इस हफ्ते के आखिर तक हो सकता है. ट्रंप ने ईरान को धमकी देते हुए कहा है कि ईरान नहीं माना तो हमला होगा. रमज़ान का महीना शुरू हो गया है और ये मुसलमानों के लिए पाक महीना माना जाता है. ऐसे में सवाल उठता है कि अगर अमेरिका ने ईरान पर रमजान के महीने में हमला किया तो मुस्लिम देश क्या करेंगे?

जेल में बंद इमरान खान को लेकर पाकिस्तान सरकार ने बड़ा खुलासा किया है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के एक सहयोगी ने कहा है कि इमरान खान को दो बार डील पेशकश की गई. लेकिन इमरान ने इस डील को स्वीकार करने से इनकार कर दिया. नवाज शरीफ के करीबी रहे राणा सनाउल्लाह ने कहा कि पाकिस्तान सरकार इस समस्या का राजनीतिक समाधान चाहती है.











