
रूस पर भारत के रुख को लेकर बाइडेन ने की शिकायत, जयशंकर ने दिया ये जवाब
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भारतीय विदेश मंत्री ने संसद में रूस से तेल आयात को लेकर सवालों के जवाब दिए हैं. उन्होंने यूक्रेन पर भारत के रुख पर भी सफाई दी है. जयशंकर ने अमेरिकी राष्ट्रपति की उस टिप्पणी का भी जवाब दिया है जिसमें उन्होंने कहा था कि रूस पर भारत की स्थिति कुछ हद तक अस्थिर है.
भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रूस-यूक्रेन युद्ध से जुड़े कई सवालों का गुरुवार को राज्यसभा में जवाब दिया है. उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन की उस टिप्पणी पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी है जिसमें बाइडन ने कहा था कि यूक्रेन संकट पर भारत की स्थिति कुछ हद तक डांवाडोल है. अमेरिका भारत पर लगातार यूक्रेन पर रूस के हमले की निंदा करने का दबाव बना रहा है. इसके बावजूद, भारत वैश्विक मंचों पर रूस के खिलाफ बोलने से बचता रहा है.
जो बाइडेन की टिप्पणी पर बोले जयशंकर
जो बाइडन ने यूक्रेन संकट पर भारत की स्थिति को कुछ हद तक अस्थिर बताया था. उनकी इस टिप्पणी को लेकर राज्यसभा में उनसे लिखित सवाल किया गया कि क्या इसका असर अमेरिका-भारत व्यापार पर पड़ेगा?
जवाब में विदेश मंत्री ने कहा, 'यूक्रेन की स्थिति और व्यापार के मुद्दे को एक साथ जोड़ने का कोई सवाल ही नहीं पैदा होता. जहां तक यूक्रेन पर हमारे रुख की बात है, ये बहुत स्पष्ट है.'
उन्होंने आगे कहा, 'हमारा रुख छह सिद्धांतों पर आधारित है: एक कि हम हिंसा और सभी तरह की शत्रुता को तत्काल समाप्त करने का आह्वान करते हैं. हम शांति के समर्थन में हैं. दूसरा, हमारा मानना है कि बातचीत और कूटनीति के रास्ते पर लौटने के अलावा और कोई रास्ता नहीं है. तीसरा, हम मानते हैं कि वैश्विक व्यवस्था अंतरराष्ट्रीय कानून संयुक्त राष्ट्र चार्टर और सभी देशों की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता के सम्मान पर आधारित है. चौथा, हम संघर्ष की स्थिति में मानवीय मदद का आह्वान करते हैं. पांचवां, हम स्वयं मानवीय मदद दे रहे हैं,
हमने अब तक यूक्रेन को 90 टन मानवीय मदद दी है. हम और अधिक मदद, विशेष रूप से दवाएं उपलब्ध कराने पर विचार कर रहे हैं. और छठवां, हम इस मामले में रूस और यूक्रेन दोनों के नेताओं के संपर्क में हैं.'

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