
रूस का यूक्रेन पर सबसे बड़ा हवाई हमला, फाइटर जेट F-16 के पायलट की मौत, ईरानी ड्रोन्स ने मचा दी तबाही
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यूक्रेन के एयर स्पेस पर ये रूस का अबतक का सबसे बड़ा हवाई हमला है. यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा है कि इस हमले में फाइटर जेट F-16 के एक पायलट की मौत हो गई है. गौरतलब है कि रूस का ये हमला तब हुआ है जब कुछ ही दिन पहले नाटो समिट खत्म हुआ है. इस समिट में दुनिया के ताकतवर राष्ट्राध्यक्षों ने 3 साल से चली आ रही इस जंग को जल्द खत्म करने की अपील की थी.
रूस ने यूक्रेन पर अबतक का सबसे बड़ा हवाई आक्रमण किया है. तीन साल पहले शुरू हुए रूस-यूक्रेन युद्ध में ये रूस की ओर से सबसे बड़ी एरियल स्ट्राइक है. इस हमले में यूक्रेन के F-16 लड़ाकू विमान के पायलट की मौत हो गई है.
यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा है कि रात भर में रूस ने यूक्रेन पर 537 हथियारों से हवाई आक्रमण किया है. इसमें 477 ड्रोन थे और 60 मिसाइलें थीं. राष्ट्रपति जेलेंस्की ने इस हमले की जानकारी देते हुए इस हमले का दुखद पक्ष ये रहा कि रूसी हमले को निष्क्रिय करने में जुटे F-16 विमान का पायलट मकस्यीम उस्तेमेंको रूसी हमले की चपेट में आ गया और उसकी मौत हो गई.
जेलेंस्की ने कहा कि आज F-16 के इस पायलट ने 7 हवाई लक्ष्यों को नष्ट कर दिया. उनके परिवार और साथियों के प्रति मेरी संवेदनाएं है. मैंने निर्देश दिया है कि उनकी मौत की सभी परिस्थितियों की जांच की जाए.
राष्ट्रपति जेलेंस्की के मुताबिक रूस ने जिन ड्रोन्स से हमला किया उनमें से ज्यादातर ईरान में बने 'शाहेद' ड्रोन्स थे. जेलेंस्की ने कहा कि रूसी सेना हर उस चीज को निशाना बना रही थी जहां जिंदगी के निशान थे. उन्होंने कहा कि स्मिला में एक रिहायशी इमारत भी इन हमलों का निशाना बनी और एक बच्चा घायल हो गया.
Almost all night long, air raid alerts sounded across Ukraine — 477 drones were in our skies, most of them Russian-Iranian Shaheds, along with 60 missiles of various types. The Russians were targeting everything that sustains life. A residential building in Smila was also hit,… pic.twitter.com/1ExZhYAMBg
यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने रूस पर बरसते हुए कहा कि, 'मॉस्को तब तक नहीं रुकेगा जब तक उसके पास बड़े हमले करने की क्षमता है. सिर्फ इस हफ्ते ही 114 से अधिक मिसाइलें, 1,270 से ज़्यादा ड्रोन और लगभग 1,100 ग्लाइड बम दागे गए हैं. पुतिन ने बहुत पहले ही तय कर लिया था कि दुनिया की शांति की अपील के बावजूद वह युद्ध जारी रखेंगे. इस युद्ध को समाप्त किया जाना चाहिए.'

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