
'री-एग्जामिनेशन का सवाल ही नहीं उठता...', पटना में जारी आंदोलन के बीच बोले BPSC के सेक्रेटरी
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पटना में बीपीएससी अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी है. छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती वह प्रदर्शन जारी रखेंगे. इसी बीच बीपीएससी ने री-एग्जाम कराने से साफ इनकार कर दिया है.
BPSC Candidates Re-exam Protest: बिहार के पटना में अभ्यर्थी 70वीं प्रारंभिक परीक्षा के पुनः आयोजन की मांग कर रहे हैं. इस बीच, बीपीएससी के सचिव सत्य प्रकाश शर्मा का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा, "पुनः परीक्षा आयोजित करने का कोई सवाल नहीं है. हम अभ्यर्थियों से संवाद करने के लिए तैयार हैं और बीपीएससी के दरवाजे हमेशा बातचीत के लिए खुले हैं. राज्य के 912 परीक्षा केंद्रों में से 911 केंद्रों पर परीक्षा में किसी प्रकार की गड़बड़ी का कोई प्रमाण नहीं मिला है."
सचिन ने आगे कहा, 'पूरा परीक्षा रद्द करने का आधार क्या है? केवल एक केंद्र पर पुनः परीक्षा 4 जनवरी को होगी और जनवरी के अंत तक 70वीं बीपीएससी प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया जाएगा.'
पूरी परीक्षा रद्द कराना चाहते हैं छात्र
मालूम हो कि 13 दिसंबर को बीपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा ली गई थी। राजधानी के बापू सभागार परीक्षा केंद्र पर धांधली का आरोप लगाकर परीक्षार्थियों ने बहिष्कार कर दिया था. इसके बाद इस केंद्र की परीक्षा रद कर दी गई थी. अब चार जनवरी को यह परीक्षा होनी है. इसका छात्रों द्वारा विरोध किया जा रहा है और उनकी मांग है कि सिर्फ एक सेंटर पर दोबारा परीक्षा कराने से इसकी निष्पक्षता प्रभावित होगी इसलिए पूरी परीक्षा फिर से कराई जाए. हालांकि बीपीएससी ने ऐसा कराने से इनकार कर दिया है. इसे लेकर पटना के गर्दनी बाग इलाके में छात्र विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.
छात्र ने लगाए ये आरोप
छात्रों का कहना है कि अन्य सेंटर्स पर भी कई अनियमितताएं थीं. कुछ का कहना है कि किसी सेंटर पर सीसीटीवी कैमरे नहीं चल रहे थे. वहीं कुछ छात्रों का आरोप है कि कुछ कोचिंग संस्थानों के मॉडल प्रश्न पत्रों और बीपीएससी परीक्षा के प्रश्नपत्र में काफी समानताएं थीं साथ ही कुछ का कहना है कि पुलिस भर्ती परीक्षा के स्तर का प्रश्न पत्र बीपीएससी की परीक्षा में दिया गया था. हालांकि बीपीएससी ने इन सभी आरोपों को निराधार बताया और कहा कि अगर परीक्षा आसान थी तो कटऑफ ज्यादा जाएगी और इसमें चिंतित होने की जरूरत नहीं हैं. हालांकि छात्र मानने को तैयार नहीं हैं और विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.

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