
रिकॉर्ड पर रिकॉर्ड... SBI ने रच दिया इतिहास, जानिए कब और कैसे हुई इस बैंक की शुरुआत
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SBI ने मार्केट कैप में ICICI बैंक के अलावा टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) को भी पीछे छोड़ दिया है. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की नींव 19वीं शताब्दी के पहले दशक में पड़ी थी. तारीख 2 जून 1806 थी.
भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने कई रिकॉर्ड्स अपने नाम कर लिए हैं. देश का दूसरा सबसे बड़ा बैंक बन गया है, मार्केट कैप में SBI ने ICICI बैंक को पीछे छोड़ दिया है. दरअसल, पिछले हफ्ते SBI ने दमदार नतीजे पेश किए थे. जिसके बाद शेयर में तूफानी तेजी देखी जा रही है.
गुरुवार को कारोबार के दौरान SBI के शेयर 0.77 फीसदी चढ़कर 1,192 रुपये पर बंद हुआ. कारोबार के दौरान शेयर 1,203 रुपये तक गया. पिछले 5 दिन SBI का शेयर 11 फीसदी चढ़ चुका है. इसके साथ ही शेयर ने नया ऐतिहासिक रिकॉर्ड (All-Time High) भी छू लिया है.
इस तेजी के साथ ही SBI का मार्केट कैपिटलाइजेशन 11.01 लाख करोड़ रुपये हो गया है. मार्केट कैप के हिसाब से देश की चौथी सबसे बड़ी कंपनी बनकर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. मार्केट कैप में इसने ICICI बैंक के अलावा टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) को भी पीछे छोड़ दिया है. अब मार्केट कैप में SBI से आगे Reliance Industries, HDFC Bank और Bharti Airtel है.
जानिए SBI का इतिहास
एक तरह से SBI ने इतिहास रच दिया है. फिलहाल देशभर में SBI के 23 हजार से ज्यादा ब्रॉन्च हैं. बैंक का इतिहास करीब 200 साल पुराना है. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की नींव 19वीं शताब्दी के पहले दशक में पड़ी थी. तारीख थी 2 जून 1806 और, इसी दिन कोलकाता में बैंक ऑफ कलकत्ता (Bank of Calcutta) के नाम से अस्तित्व में आया था. उस समय देश में ब्रिटिश राज था. इसकी शुरुआत के करीब 3 साल के बाद बैंक को अपना चार्टर प्राप्त हुआ और 2 जनवरी 1809 में इसका नाम बदलकर Bank of Bengal कर दिया गया. बदलाव का ये सिलसिला यहीं नहीं थमा और इसका नाम आगे भी बदलता रहा.
ऐसे बना 'इंपीरियल बैंक ऑफ इंडिया' साल 1809 में 'बैंक ऑफ बंगाल' नाम मिलने के बाद देश में आगे के कुछ सालों में उस समय के हिसाब से बैंकिंग सेक्टर्स में तेजी आने लगी. ये तारीख थी 15 अप्रैल 1840, जब बंबई में बैंक ऑफ बॉम्बे (Bank Of Bombay) की नींव पड़ी थी और इसके बाद तीन साल बाद 1 जुलाई 1843 को बैंक ऑफ मद्रास अस्तित्व में आया था.

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