
राम लला के ऑनलाइन दर्शन का खर्च सीएम एकनाथ शिंदे अपनी जेब से करें, सुप्रिया सुले ने कसा तंज
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राम लला के ऑनलाइन दर्शन को लेकर सांसद सुप्रिया सुले ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर साधा निशाना. कहा, अगर मुख्यमंत्री राम लला का दर्शन ऑनलाइन करना चाहते हैं, तो उसका खर्च अपनी जब से करें. बारामती लोकसभा क्षेत्र के साथ पूरे महाराष्ट्र में इस समय सूखे की स्थिति है. सरकार को इस संबंध में ऑनलाइन बैठकें करनी चाहिए. ये भगवान राम की सेवा होगी.
अयोध्या में निर्माण किए गए भव्य राम मंदिर में राम लला विराजमान होने का शुभ अवसर नजदीक आ रहा है. वहीं, महाराष्ट्र में राम लला को लेकर हो रही राजनीति थमने का नाम नहीं ले रही है. सांसद सुप्रिया सुले ने राम लला के ऑनलाइन दर्शन को लेकर शिंदे सरकार पर तंज कसा है. उन्होंने कहा है कि अगर मुख्यमंत्री महाराष्ट्र के लोगों को राम लला का ऑनलाइन दर्शन करना चाहते हैं, तो उसका खर्चा अपनी जेब से करें.
गौरतलब है कि 22 जनवरी को अयोध्या के भव्य राम मंदिर में राम लला की प्राण प्रतिष्ठा की जा रही है. इस समय राम लला के ऑनलाइन दर्शन के लिए शिंदे सरकार ने सभी गांवों के नागरिकों को सुविधा देने का फैसला किया है.
इस फैसले पर सांसद सुप्रिया सुले ने नाराजगी जताते हुए कहा है कि राम लला का ऑनलाइन दर्शन करने के लिए कोई एतराज नहीं है. मगर, महाराष्ट्र में भी साल में दो बार भी पंढरपुर में पांडुरंगा की 2 बार पूजा होती है. यह भी महाराष्ट्र के लोगों के लिए महत्वपूर्ण यात्रा का स्थान है. इसको भी ऑनलाइन दिखाया जाना चाहिए. उसमें गलत क्या है?
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प्रभू श्रीराम के ऑनलाइन दर्शन की सुविधा मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे प्रदान करना चाहते हैं, तो उन्हें इसके लिए अपनी जेब से खर्च करना चाहिए. भक्ति किसी की भी हो सकती है. अगर मुख्यमंत्री अपने खर्च पर ऐसी कोई सुविधा देते हैं, तो मैं इसका स्वागत करूंगी. सरकारी पैसों से राम लला के ऑनलाइन दर्शन के लिए खर्च किए जा रहा है, तो किस हेड से पैसे उपलब्ध कराए जाएंगे, इस पर भी नजर रहेगी.
महाराष्ट्र के सूखे की समस्या का करें समाधान- सुले बारामती लोकसभा क्षेत्र के साथ पूरे महाराष्ट्र में इस समय सूखे की स्थिति है. सरकार को इस संबंध में ऑनलाइन बैठकें करनी चाहिए. अधिकारियों की ऑनलाइन बैठकों से अगर सूखे से जुड़ी समस्या का समाधान हो जाए, तो ये भगवान श्री राम की सेवा होगी. यह कहते हुए सांसद सुले ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधा.

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