
रात में सड़कों पर पीछा, पुलिस से सांठगांठ... फरीदाबाद के आर्यन मिश्रा की हत्या के आरोपी का सोशल मीडिया क्या कहता है?
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दिल्ली से सटे फरीदाबाद में हुई आर्यन मिश्रा मर्डर केस में मृतक के पिता सियानंद मिश्रा ने कई सवाल खड़े किए हैं. उनका कहना है कि उनके बेटे के साथ कार में कई लोग मौजूद थे, लेकिन उसको ही गोली क्यों मारी गई. कोई अन्य हताहत क्यों नहीं हुआ है. इस मामले की गंभीरता से जांच की जानी चाहिए.
हरियाणा के फरीदाबाद में गो-तस्करी के शक में 12वीं कक्षा के छात्र आर्यन मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी अनिल कौशिक सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है. कौशिक के बारे में खुलासा हुआ है कि वह अपने बाहुबल का प्रदर्शन करने के लिए अक्सर रात में वाहनों का पीछा करता रहा है.
अनिल कौशिक (38) पुलिस से अपनी सांठगांठ दिखाने और अपने क्षेत्र में अपना दबदबा बनाने के लिए अक्सर रात में इसी तरह वाहनों का पीछा करता था. कौशिक ने अपने चार दोस्तों के साथ भी इसी तरह 25 किलोमीटर तक आर्यन मिश्रा की कार का पीछा किया था और गो-तस्कर के शक में बाद में उसे गोली मार दी थी.
लेकिन अब कई लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि वह महज शक के आधार पर इतनी लंबी दूरी तक वाहनों का पीछा क्यों करता था? कहा जा रहा है कि राष्ट्रीय राजमार्ग और गांव की सड़कों पर इस तरह पीछा करना कौशिक के संगठन Live for Nation के सदस्यों के लिए सामान्य है. कौशिक ने आठ साल पहले इस ऑर्गेनाइजेशन को रजिस्टर कराया था.
इंडिया टुडे के ओपन सोर्स इंटेलिजेंस (OSINT) की टीम ने इस घटना के वीडियो का रिव्यू किया है, जिससे पता चलता है कि अनिल कौशिक अक्सर गो-तस्करों को पकड़ने के लिए रात में ट्रक, मिनी ट्रक, जीप और कारों का पीछा करता था.
कौशिक के यूट्यूब चैनल पर तीन साल पहले पोस्ट किए गए एक वीडियो में उनकी टीम दावा कर रही है कि उन्होंने रात में 120 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से अपनी कार की टक्कर दूसरे वाहन से कर दी थी. इसी तरह इन्होंने आगरा और मथुरा के बीच 60 किलोमीटर तक एक वाहन का पीछा किया था.
अनिल कौशिक ने अपने सोशल मीडिया पर गो-तस्कर मोनू मनेसर के साथ तस्वीरें भी पोस्ट की है. मनेसर पिछले साल दो मुस्लिमों की हत्या का आरोपी है. कौशिक ने पुलिस के साथ मिलकर गो-तस्करी के खिलाफ कई ऑपरेशन भी शुरू किए. इसकी की तसवीरें कौशिक ने अपने सोशल मीडिया पर पोस्ट की है.

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