
राजस्थान हाईकोर्ट सख्त, हाईवे से हटेंगे मंदिर-मजार समेत 2000 अतिक्रमण, 2 महीने का अल्टीमेटम
ABP News
Rajasthan News: राजस्थान हाईकोर्ट ने सड़क सुरक्षा को जीवन के अधिकार का हिस्सा मानते हुए राजमार्गों पर 2,000 अवैध निर्माण हटाने का आदेश दिया है, जिसमें मंदिर भी शामिल हैं.
राजस्थान हाईकोर्ट ने सड़क सुरक्षा को लेकर अब तक का सबसे सख्त और ऐतिहासिक रुख अपनाया है. कोर्ट ने दो टूक कहा है कि हाईवे पर किसी भी तरह का अतिक्रमण हो उसे हर हाल में हटाना होगा.
अदालत ने नेशनल और स्टेट हाईवे की सीमा (Right of Way) में आने वाले करीब 2,000 अवैध निर्माणों को दो महीने के भीतर हटाने के सख्त आदेश दिए हैं. कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि सड़क सुरक्षा संविधान के अनुच्छेद-21 के तहत नागरिकों के 'जीवन के अधिकार' का अभिन्न हिस्सा है.
यह आदेश हिम्मत सिंह गहलोत की ओर से दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया गया. मामला हाईवे की प्रतिबंधित सीमा में संचालित एक धर्मकांटे (वजन कांटा) से जुड़ा था, जिसके पास हाल ही में हुए सड़क हादसे में चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी. अदालत ने माना कि ऐसे अतिक्रमण सीधे तौर पर जानलेवा हैं और इन्हें किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता.
सुनवाई के दौरान पेश किए गए सरकारी आंकड़ों ने स्थिति की गंभीरता को उजागर कर दिया. प्रदेश में हाईवे की जमीन पर 103 धार्मिक संरचनाएं (मंदिर-मजार), 881 आवासीय मकान और 1,232 व्यावसायिक दुकानें अवैध रूप से काबिज हैं. कोर्ट ने धार्मिक स्थलों को लेकर किसी भी तरह की रियायत देने से साफ इनकार कर दिया है. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सेंटर लाइन से 40 मीटर तक भवन रेखा और 75 मीटर तक नियंत्रण रेखा होती है, इसका उल्लंघन अवैध है.













