
राजस्थान में फोन टैपिंग पर बवाल, सचिन पायलट के धैर्य की परीक्षा!
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फोन टैपिंग के मसले पर राजस्थान कांग्रेस में एक बार फिर घमासान शुरू हो गया है. सचिन पायलट के खेमे ने फिर से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को हटाने की मांग तेज कर दी है.
फोन टैपिंग के मसले पर राजस्थान कांग्रेस में एक बार फिर घमासान शुरू हो गया है. सचिन पायलट के खेमे ने फिर से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को हटाने की मांग तेज कर दी है. इस बार पायलट खेमा, राजीव गांधी का उदाहरण दे रहा है. हालांकि, सीएम गहलोत ने कहा है कि अगर फोन टैपिंग के आरोप सही साबित होते हैं तो वे इस्तीफा दे देंगे और राजनीति छोड़ देंगे. अगस्त 1988 में राजीव गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस ने कर्नाटक जनता दल के मुख्यमंत्री राम कृष्ण हेगड़े से इस्तीफे की मांग की थी. हेगड़े पर आरोप था कि उन्होंने 50 राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के फोन टैप कराए. इस मसले पर तत्कालीन केंद्रीय संचार मंत्री वीर बहादुर सिंह ने कहा था, 'जनता सरकार लोकतांत्रिक मानदंडों की बात करती है, लेकिन अपनी शक्तियों का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग कर रही है, हेगड़े ने अपने पार्टीजनों और मंत्रियों को भी असामाजिक तत्व माना था, क्योंकि कानून केवल ऐसे तत्वों के फोन टैप करने का प्रावधान करता है.'
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