
राजस्थान के बेरोजगार युवाओं की आक्रोश कथा: अनोखे अंदाज में जाहिर की दिक्कतें-मांगें
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राजस्थान के सैकड़ो बेरोजगार युवाओं ने गुजरात कूच किया है. इन युवाओं ने कल गाधी जंयती पर गुजरात के पालनपुर से अहमदाबाद तक दांडी यात्रा निकाली. राजस्थान में विभिन्न नौकरियों के सैकड़ों अभ्यर्थी मांगो को लेकर राजस्थान सरकार के विरूद्ध गुजरात मे दांडी यात्रा निकाल रहे है. जानिए इन युवाओं में किस बात को लेकर आक्रोश है, क्या हैं मांगें...
राजस्थान में सैकड़ों बेरोजगार युवाओं का आक्रोश दो अक्टूबर को गांधी जयंती पर सड़कों पर नजर आया. प्रदेश के कोने कोने से निराश व परेशान बेरोजगार युवा उपेन यादव के नेतृत्व मे गांधी जंयती के दिन गांधी की धरती गुजरात के पालनपुर से अहमदाबाद तक 150 किलोमीटर की पैदल दांडी यात्रा निकाल रहे हैं.
उपेन यादव के नेतृत्व मे सुबह 12 बजे इस यात्रा की शुरुआत पालनपुर से हुई है, जिसमें विभिन्न मांगो को लेकर युवक युवतियां शामिल हैं. आपको बता दें कि बेरोजगार एकीकृत महासंघ के अध्यक्ष ने कुछ दिन पहले यह घोषणा की थी कि उनकी कुछ मांगों को लेकर सरकार के विरुद्ध काफी समय से वार्ता चल रही थी. इसे लेकर प्रदेश के हर जिला मुख्यालय व जयपुर में धरना-प्रदर्शन चल रहा था लेकिन सरकार उनकी मांग को नहीं सुन रही है.
सरकार ने अपने चुनावी वादों व बजट भाषण में युवाओं के रोजगार को लेकर कई जुमले फेंके थे लेकिन सरकार धरातल पर उनका क्रियान्वयन नही कर रही है. हाल ही मे उन्होंने युपी चुनाव के दौरान युपी मे प्रदर्शन कर कम्प्यूटर अनुदेशक भर्ती को लेकर संघर्ष किया था. इसके बाद प्रियंका गांधी से मिलकर अपनी मांग तेज की थी. प्रिंयका गांधी ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से उनके स्वर्गीय पिता व भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के सपने को साकार करने के लिए राजस्थान मे आईटी की भर्ती को पूरा करने को कहा था.
इसके बाद 10 हजार से ऊपर के पदों पर भर्ती निकाली गई. लेकिन अब अभ्यर्थियों का आरोप है कि इसका पेपर इतना कठिन था कि इस भर्ती के पूरे पद भरे नही जा सकेंगे. इसमें 3 हजार से ज्यादा पद खाली रह गए. अब अभ्यर्थी सरकार से मांग कर रहे हैं कि जो बचे पद हैं, वो मेरिट के आधार पर शिथिलता देकरभरे जाएं ताकि 3 हजार से ज्यादा बेरोजगार युवाओ को रोजगार मिल सके. वहीं, उपेन यादव के साथ अन्य मांगों को लेकर सैकड़ों युवा दांडी यात्रा में निकल पड़े हैं. यह संख्या आने वाले दो दिन में ओर ज्यादा होगी.
क्या है इनकी मांगें
ये नई भर्तियां निकाले जाने की मांग













