
रमजान खत्म होने से पहले इजरायल पर जवाबी हमले की तैयारी में ईरान, अलर्ट पर US
AajTak
इजरायल ने सीरिया में ईरानी एंबेसी पर हमला किया था, जिसमें कुद्स फोर्स के एक कमांडर की मौत हो गई थी. इस हमले से ईरान आगबबूला हो रखा है. इस बीच अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि रमजान खत्म होने से पहले ईरान जवाबी कार्रवाई कर सकता है.
इजरायल और हमास की जंग के बीच अमेरिका ने ईरान को लेकर अलर्ट जारी किया है. अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि सीरिया में एंबेसी अटैक के बाद ईरान जवाबी कार्रवाई कर सकता है. एंबेसी अटैक में उसके एक टॉप कमांडर की मौत हो गई थी. अब यूएस इंटेलिजेंस का मानना है कि रमजान खत्म होने से पहले मिडिल ईस्ट में इजरायली या अमेरिकी ठिकानों को ईरान निशाना बना सकता है.
इजरायल ने 1 अप्रैल को सीरिया में ईरान के एंबेसी पर F-35 जेट से बम बरसाए थे. इस हमले में कुद्स फोर्स के एक कमांडर जनरल मोहम्मद रेजा जहेदी की मौत हो गई थी. इस हमले को लेकर ना सिर्फ ईरान बल्कि दुनियाभर के कई देशों ने कड़ी प्रतिक्रया दी. हालांकि, अमेरिका को अभी यह जानकारी नहीं है कि ईरान कब और कैसे जवाबी हमले को अंजाम देगा.
यह भी पढ़ें: एक और जंग का काउंटडाउन... इजरायल और ईरान के बीच कभी भी छिड़ सकता है युद्ध, जानिए क्यों
किसी भी जवाबी हमले का जवाब देने की तैयारी
एक मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि जो बाइडेन प्रशासन के दो अधिकारियों ने ईरान की तरफ से जवाबी हमले की आशंका जताई है. अधिकारियों का कहना है ईरान के टारगेट पर इजरायली या अमेरिकी सैन्य या खुफिया ठिकाने हो सकते हैं. अधिकारियों ने यह भी कहा कि बाइडेन प्रशासन ने ईरान के किसी भी जवाबी हमले का जवाब देने के लिए विकल्पों पर विचार कर रहे हैं.
रमजान खत्म होने से पहले कर सकता है अटैक

कराची के गुल प्लाजा शॉपिंग मॉल में शनिवार रात लगी भीषण आग पर रविवार रात 10 बजे के बाद काबू पा लिया गया है. सिंध के मुख्यमंत्री मुराद अली शाह ने इस दुखद घटना में एक दमकलकर्मी सहित 6 लोगों की मौत की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि राहत और बचाव कार्य के बीच 50 से 60 लोग लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश की जा रही है.

दुनिया में युद्ध का शोर बढ़ रहा है और शांति कमजोर पड़ रही है. अमेरिका ईरान को लेकर सख्त है जबकि ग्रीनलैंड को लेकर अपनी ताकत दिखा रहा है. रूस और यूक्रेन की जंग सालों से जारी है और यूरोप में न्यूक्लियर खतरे की बातें हो रही हैं. एशिया में इस्लामिक नाटो का गठन हो रहा है, जो क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए नई चुनौती बन सकता है. ग्रीनलैंड की भू-राजनीति अब वैश्विक शक्ति संघर्ष का केंद्र बन चुकी है जहां अमेरिका, चीन और रूस अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं. भारत सहित पूरे विश्व पर इन घटनाओं का गहरा प्रभाव पड़ रहा है.

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूरोप के आठ देशों पर टैरिफ लगाने की घोषणा की है. ये देश ग्रीनलैंड पर अमेरिका के कब्जे की धमकी का विरोध कर रहे हैं. अमेरिका और यूरोप के बीच ग्रीनलैंड को लेकर तनाव बढ़ गया है. मिनियापोलिस में अमेरिकी एजेंट की गोलीबारी के बाद प्रदर्शन जोर पकड़ रहे हैं. सीरिया में अमेरिकी सेना की कार्रवाई में एक प्रमुख आतंकवादी मारा गया. ईरान के सर्वोच्च नेता ने अमेरिका को देश में फैली अशांति का जिम्मेदार बताया. ट्रंप का गाजा पीस प्लान दूसरे चरण में पहुंचा है। जेपी मॉर्गन के सीईओ ने कहा कि उन्हें फेडरल रिजर्व चेयर बनने का कोई प्रस्ताव नहीं मिला. वेनेजुएला में अमेरिकी सैनिकों पर हमले के खिलाफ क्यूबा में बड़ा विरोध प्रदर्शन हुआ.

पूर्वी चीन के जिआंगसू प्रांत के लियानयुंगांग में शुवेई न्यूक्लियर पावर प्लांट के निर्माण की शुरुआत हो गई है, जो चीन की 15वीं पंचवर्षीय योजना के तहत पहली परमाणु परियोजना है. यह दुनिया की पहली परियोजना है जिसमें हुआलोंग वन और हाई टेम्परेचर गैस कूल्ड रिएक्टर को एक साथ जोड़ा गया है, जिससे बिजली के साथ हाई-क्वालिटी स्टीम भी तैयार होगी.

ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका के दबाव के खिलाफ डेनमार्क के कई शहरों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए, जिनमें कोपेनहेगन में अमेरिकी दूतावास तक मार्च भी शामिल रहा. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड मुद्दे पर दबाव बढ़ाते हुए डेनमार्क समेत आठ यूरोपीय देशों से आने वाले सामान पर 1 फरवरी से 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया है.








