
योगी की तल्खी, केशव की नरमी और फ्रंट फुट पर अखिलेश... शंकराचार्य विवाद से गरमाई यूपी की सियासत
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शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर यूपी की सियासत गरमा गई है. सपा प्रमुख अखिलेश यादव खुलकर मैदान में उतर गए हैं तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अविमुक्तेश्वरानंद का नाम लिए बिना उन पर निशाना साध रहे हैं. ऐसे में केशव प्रसाद मौर्य ने नरम रुख अख्तियार कर रखा है, जिसे डैमेज कन्ट्रोल माना जाए या फिर कोई सियासी गेम?
प्रयागराज माघ मेले में मौनी अमावस्या के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को लेकर छिड़े विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा. साधू-संत दो धड़ो में बंट गए हैं तो सियासत भी गर्मा गई है. अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के मुद्दे पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव फ्रंटफुट पर खड़े नजर आ रहे हैं. सीएम योगी आदित्यनाथ ने बिना नाम लिए सख्त तेवर अपनाया तो डिप्टीसीएम केशव प्रसाद मौर्य शंकराचार्य पर नरम नजर आ रहे हैं.
मौनी अमावस्या के दिन गंगा स्नान करने जा रहे शंकराचार्य को प्रशासन ने यह कह कर रोक दिया था कि संगम नोज पर भीड़ अधिक है. ऐसे में वाहन लेकर नहीं जा सकते. इस दौरान स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के अनुयायियों के साथ हाथापाई भी हुई थी.इस घटना के बाद अविमुक्तेश्वरानंद धरने पर बैठ गए, जिसे लेकर इस कड़ाके की ठंड में उत्तर प्रदेश की राजनीति गर्मा गई है.
उत्तर प्रदेश का योदी प्रशासन एक के बाद एक दो नोटिस शंकराचार्य को भेज दी, जिसका अविमुक्तेश्वरनंद ने जवाब देकर भी अपना सख्त तेवर दिखा दिया. मामला लगातार बढ़ता जा रहा है, शंकराचार्य के समर्थन में अखिलेश यादव ही नहीं बल्कि केशव प्रसाद मौर्य भी उतर गए हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि शंकराचार्य विवाद किस दिशा में जा रहा है?
अखिलेश यादव फ्रंटफुट पर नजर आ रहे प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को संगम नोज पर जाते समय प्रशासन द्वारा रोके जाने के मामले को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव फ्रंटफुट पर खड़े नजर आ रहे हैं. शंकराचार्य के अपमान को लेकरप्रशासन को कठघरे में खड़े करते हुए योगी सरकार पर निशाना साधा. सपा प्रमुख ने अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से बात किया और उनके साथ मजबूती से खड़े रहने का भी आश्वासन दिया.
अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी इन परंपराओं को तोड़ रही है. संतों और शंकराचार्यों का जानबूझकर अपमान किया है. उन्होंने आरोप लगाया कि योगी सरकार ने अपने अधिकारियों के जरिए शंकराचार्यों के साथ दुर्व्यवहार किया है. यादव ने कहा कि यदि एक अधिकारी शंकराचार्यो से पहचान का प्रमाण मांगता है तो सनातन धर्म का इससे अधिक अपमान नहीं हो सकता.
सपा प्रमुख ने कहा कि योगी सरकार ने सनातन धर्म, शंकराचार्यों, संतों, माघ मेला और इस देश का अपमान किया है. उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी साधु-संत का अपमान होगा तो समाजवादी पार्टी उसके विरोध में खड़ा रहेगी. सपा के प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल ने कहा कि भाजपा नफरत पैदा करती है. देश में भाईचारा खत्म किया है. क्या किसी को स्नान करने से मना किया जा सकता है? भारत के संविधान में समता, समानता, स्वतंत्रता और भाईचारे की पूरी व्यवस्था है. लेकिन भाजपा यह तय कर रही है कि गंगा में स्नान कौन करेगा

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