
'ये ठीक बात नहीं...', ट्रंप से नाराज दिखे जेलेंस्की, अचानक खत्म हो गई रूस-यूक्रेन शांति वार्ता
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स्विट्जरलैंड के जिनेवा की यह बैठक अबू धाबी में अमेरिका की मध्यस्थता में हुई दो दौर की वार्ताओं के बाद हुई, जो बिना किसी बड़े नतीजे के समाप्त हो गई थीं. दोनों पक्ष पूर्वी यूक्रेन के इलाकों पर नियंत्रण जैसे अहम मुद्दों पर अब भी एक-दूसरे से काफी दूर हैं.
स्विट्जरलैंड के जिनेवा में बुधवार को रूस और यूक्रेन के बीच शांति वार्ता अचानक खत्म हो गई. यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने रूस के साथ इस पीस टॉक को बेहद मुश्किल और तनावपूर्ण बताते हुए पुतिन के साथ-साथ अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को भी कटघरे में खड़ा कर दिया है.
जेलेंस्की ने रूस पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह चार साल पुराने युद्ध को समाप्त करने की दिशा में समझौते की प्रक्रिया को जानबूझकर लंबा खींच रहा है.
दरअसल अमेरिका की मध्यस्थता में स्विट्जरलैंड में चल रही इन वार्ताओं के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने हाल के दिनों में दो बार कहा था कि वार्ता को सफल बनाने के लिए यूक्रेन और जेलेंस्की को कदम उठाने चाहिए. अब जेलेंस्की ने कहा कि रूस के साथ हालिया बैठक वाकई कठिन थी और हम कह सकते हैं कि रूस उन वार्ताओं को टालने की कोशिश कर रहा है, जो अब तक अंतिम चरण तक पहुंच सकती थीं.
जेलेंस्की के इस बयान के कुछ देर बाद ही रूस की सरकारी समाचार एजेंसी आरआईए ने खबर दी कि वार्ता समाप्त हो गई है. रूस के मुख्य वार्ताकार व्लादिमीर मेडिंस्की ने कहा कि आगे की बातचीत जल्द होगी. हालांकि उन्होंने कोई तारीख नहीं बताई. एक यूक्रेनी अधिकारी ने भी पुष्टि की कि जिनेवा की वार्ता करीब दो घंटे चली.
इससे पहले एक अमेरिकी वेबसाइट को दिए एक इंटरव्यू में जेलेंस्की ने कहा कि यह उचित नहीं है कि ट्रंप सार्वजनिक रूप से सिर्फ यूक्रेन से रियायतें देने को कह रहे हैं, रूस से नहीं. जेलेंस्की ने यह भी कहा कि यदि किसी शांति योजना में यूक्रेन से पूर्वी डोनबास क्षेत्र में उन इलाकों को छोड़ने की मांग की गई, जिन्हें रूस ने अब तक कब्जा नहीं किया है, तो यूक्रेनी जनता जनमत संग्रह में उसे खारिज कर देगी. उन्होंने कहा कि मुझे उम्मीद है कि यह सिर्फ उनकी रणनीति है, कोई अंतिम फैसला नहीं है.
ट्रंप ने सोमवार को पत्रकारों से कहा था कि यूक्रेन को जल्दी बातचीत की मेज पर आना चाहिए. मैं बस यही कह रहा हूं. बता दें कि यह वार्ता रूस के 2022 के हमले की चौथी बरसी से कुछ ही दिन पहले हुई. इस युद्ध में लाखों लोग मारे गए या घायल हुए, करोड़ों विस्थापित हुए और यूक्रेन के कई शहर, कस्बे और गांव तबाह हो गए. रूस नागरिकों को जानबूझकर निशाना बनाने के आरोपों से इनकार करता रहा है.

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