
'ये चिंता की बात है...', इमरान खान की पार्टी पर बैन लगाने के PAK सरकार के फैसले पर बोला अमेरिका
AajTak
अमेरिका का कहना है कि इमरान की पार्टी PTI पर बैन लगाने का फैसला एक जटिल राजनीतिक प्रक्रिया है, अगर किसी राजनीतिक दल पर प्रतिबंध लगाया जाता है तो यह काफी चिंताजनक होगा.
पाकिस्तान सरकार ने सोमवार को पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) पर बैन लगाने का ऐलान किया था. अब इस मामले पर अमेरिका ने बयान दिया है.
अमेरिका का कहना है कि इमरान की पार्टी PTI पर बैन लगाने का फैसला एक जटिल राजनीतिक प्रक्रिया है, अगर किसी राजनीतिक दल पर प्रतिबंध लगाया जाता है तो यह काफी चिंताजनक होगा.
अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि हमारा मानना है कि यह पूरी तरह से जटिल राजनीतिक प्रक्रिया की शुरुआत है लेकिन यकीनन किसी राजनीतिक दल पर बैन लगाना चिंताजनक होगा. उन्होंने कहा कि हम मानवाधिकारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सहित संवैधानिक लोकतांत्रिक सिद्धांतों को शांतिपूर्ण ढंग से बनाए रखने का समर्थन करते हैं.
इमरान की PTI पर क्यों लगने जा रहा है बैन?
पाकिस्तान के सूचना मंत्री अत्ता तरार ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा था कि सरकार इमरान खान की पीटीआई पार्टी पर बैन लगाने जा रही है. इस संदर्भ में अब मामले को सुप्रीम कोर्ट के पास रेफर किया जाएगा.
सूचना मंत्री ने कहा था कि अगर देश को सही दिशा में आगे बढ़ना है तो पीटीआई के अस्तित्व को खत्म करना जरूरी है. नौ मई के दंगे, विदेशी फंडिंग और साइफर केस को ध्यान में रखते हुए हमारा मानना है कि ऐसे विश्वसनीय सबूत हैं जिनके दम पर पीटीआई को प्रतिबंधित किया जा सके.

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार दिया गया है जो पहले वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरीना मचाडो को मिला था. मचाडो ने यह पुरस्कार ट्रंप को सौंपा और ट्रंप ने इसे खुशी-खुशी स्वीकार किया. यह घटना राजनीतिक जगत में खास तूल पकड़ रही है और दोनों नेताओं के बीच इस सम्मान के आदान-प्रदान ने चर्चा का विषय बना है. ट्रंप के लिए यह एक बड़ा सम्मान है जिसका उन्होंने खुले दिल से स्वागत किया.

अमेरिका ने ईरान पर हमले की चेतावनी के बाद अपने कदम फिलहाल वापस ले लिए हैं. हाल तक अमेरिका ईरान की हवाई और समुद्री घेराबंदी कर रहा था, लेकिन अब उसने मामले को डिप्लोमेसी के माध्यम से सुलझाने का अंतिम मौका दिया है. ईरान ने प्रदर्शनकारियों को फांसी देने का फैसला किया था, जिसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने आर्मी को हमले के लिए तैयार रहने का आदेश दिया था.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि ग्रीनलैंड पर अमेरिकी नियंत्रण की उनकी योजना का समर्थन न करने वाले देशों पर टैरिफ लगाया जा सकता है. इस बयान से यूरोपीय सहयोगियों के साथ तनाव बढ़ गया है. अमेरिका, डेनमार्क और ग्रीनलैंड के बीच बातचीत जारी है, जबकि डेनमार्क और कई यूरोपीय देशों ने ग्रीनलैंड में सैन्य मौजूदगी बढ़ाने का फैसला किया है.

पाकिस्तान एक बार फिर भारत की सीमा में ड्रोन भेज रहा है. जनवरी से जम्मू कश्मीर के कई इलाकों में छोटे और कम ऊंचाई पर उड़ने वाले ड्रोन देखे गए हैं. सेना के मुताबिक ये आत्मघाती ड्रोन नहीं बल्कि निगरानी के लिए भेजे गए यूएवी हैं. माना जा रहा है कि पाकिस्तान भारत की सुरक्षा तैयारियों और प्रतिक्रिया समय को परखने की कोशिश कर रहा है.

भारत की विदेश नीति में राजनयिक तंत्र और राजनीतिक दबाव के बीच अंतर दिख रहा है. बांग्लादेश के साथ रिश्तों में नरमी के संकेत मिलने के बाद भी क्रिकेटर मुस्ताफिजुर रहमान को आईपीएल से हटाने का फैसला विवादित रहा है. इस फैसले के बाद बांग्लादेश ने भी कह दिया है कि वो टी20 वर्ल्ड कप में भारत के खिलाफ मैच नहीं खेलेगा.








