
यूक्रेन से जंग के बीच रूस ने भारत को दी ये खुशखबरी, चीन-पाकिस्तान की बढ़ेगी चिंता
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रूस ने S-400 मिसाइल सिस्टम की पहली रेजिमेंट की आपूर्ति पिछले साल दिसंबर में शुरू की थी, जबकि दूसरी रेजिमेंट की आपूर्ति अप्रैल में शुरू हुई थी. इस मिसाइल सिस्टम को इस तरह से तैनात किया गया है कि यह उत्तरी क्षेत्र में चीन के साथ लगी सीमा के कुछ हिस्सों के साथ-साथ पाकिस्तान के साथ लगी सीमा को भी कवर कर सकती है.
यूक्रेन से युद्ध के बावजूद रूस भारत को एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम S-400 की डिलीवरी समय पर करेगा. रूस के राजदूत डेनिस अलीपोव ने यह जानकारी देते हुए बताया कि रूस द्वारा भारत को तय समय के मुताबिक, S-400 सिस्टम की डिलीवरी अच्छी तरह से हो रही है.
रूस के राजदूत का ये बयान ऐसे वक्त पर आया, जब यह चिंता जताई जा रही थी कि यूक्रेन पर सैन्य कार्रवाई के चलते रूस द्वारा भारत में सप्लाई होने वाले सैन्य उपकरणों की आपूर्ति में देरी हो सकती है. अलीपोव ने कहा, ''S-400 प्रणाली की आपूर्ति तय कार्यक्रम के मुताबिक अच्छी तरह से आगे बढ़ रही है.''
'दुनिया के सबसे विस्तृत सहयोगों में रूस-भारत'
राजदूत ने भारत और रूस के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के 75वें साल होने के मौके पर 'रशिया डाइजेस्ट' पत्रिका में लिखी एक प्रस्तावना में यह टिप्पणी की. उन्होंने कहा, 'आज का रूस-भारत सहयोग दुनिया के सबसे विस्तृत सहयोगों में से एक है.'' अलीपोव ने प्रस्तावना में कहा कि रूस और भारत उन प्रमुख पहल को सफलतापूर्वक लागू करना जारी रखे हुए हैं जो सहयोग को अद्वितीय बनाते हैं.
रूस ने S-400 मिसाइल सिस्टम की पहली रेजिमेंट की आपूर्ति पिछले साल दिसंबर में शुरू की थी, जबकि दूसरी रेजिमेंट की आपूर्ति अप्रैल में शुरू हुई थी. इस मिसाइल सिस्टम को इस तरह से तैनात किया गया है कि यह उत्तरी क्षेत्र में चीन के साथ लगी सीमा के कुछ हिस्सों के साथ-साथ पाकिस्तान के साथ लगी सीमा को भी कवर कर सकती है.
भारत ने अमेरिका की चेतावनी के बावजूद की थी डील

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