
यूक्रेन ने रूस पर किया अबतक का सबसे घातक हमला, राजधानी मॉस्को पर दागे 34 ड्रोन
AajTak
यूक्रेन ने मॉस्को पर कम-से-कम 34 ड्रोन से हमला किया है जो 2022 में हुए युद्ध के बाद से यूक्रेन का रूसी राजधानी पर सबसे बड़ा ड्रोन हमला है. इस हमले की वजह से शहर के तीन प्रमुख हवाई अड्डों से उड़ानों को डायवर्ट करना पड़ा और कम-से-कम एक व्यक्ति घायल हो गया.
यूक्रेन ने रूस पर अबतक का सबसे बड़ा हमला किया है. यूक्रेन ने मॉस्को पर दर्जनों ड्रोन दागे हैं, जिसमें गए लोगों के घायल होने का जानकारी भी सामने आई है. हमले के कारण कई फ्लाइट्स को डायवर्ट भी किया गया है.
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, यूक्रेन ने मॉस्को पर कम-से-कम 34 ड्रोन से हमला किया है जो 2022 में हुए युद्ध के बाद से यूक्रेन का रूसी राजधानी पर सबसे बड़ा ड्रोन हमला है. इस हमले की वजह से शहर के तीन प्रमुख हवाई अड्डों से उड़ानों को डायवर्ट करना पड़ा और कम-से-कम एक व्यक्ति घायल हो गया.
सेना ने नष्ट किए ड्रोन
रक्षा मंत्रालय ने बताया कि रूसी वायु सेना ने रविवार को तीन घंटे में पश्चिमी रूस के अन्य क्षेत्रों में 36 ड्रोन नष्ट कर दिए. मंत्रालय ने कहा कि रूसी संघ के क्षेत्र में हवाई जहाज के प्रकार के ड्रोन का इस्तेमाल करके एक आतंकवादी हमले को अंजाम देने के कीव सरकार की कोशिश को नाकाम कर दिया. रूसी टेलीग्राम चैनलों पर पोस्ट किए गए अन-ऑफिशियल वीडियो में ड्रोनों को आसमान में घूमते हुए दिखाई दे रहे हैं.
हमले के कारण कई फ्लाइट्स डायवर्ट
रूस की फेडरल एयर ट्रांसपोर्ट एजेंसी ने कहा कि डोमोदेवो, शेरेमेटेवो और झुकोवस्की के एयरपोर्ट ने कम-से-कम 36 फ्लाइट्स को डायवर्ट किया, लेकिन फ्लाइट का संचालन फिर से शुरू कर दिया गया है. मॉस्को क्षेत्र में एक व्यक्ति के घायल होने की भी खबर है.

ईरान ने दावा किया है कि उसकी नेवी के एयर डिफेंस ने दो अमेरिकी ड्रोन मार गिराए. ईरान की स्टेट मीडिया के मुताबिक ये दोनों सुसाइड ड्रोन कथित तौर पर अमेरिकी सेना के थे. ईरान की सेना के मुताबिक ड्रोन का पता लगाया गया, उसे ट्रैक किया गया और इससे पहले कि वो बंदर अब्बास नौसैनिक बेस को निशाना बनाते, उन्हें मार गिराया गया. देखें वीडियो.

ईरान-इजरायल युद्ध आज अपने 24वें दिन में प्रवेश कर चुका है, लेकिन शांति की कोई गुंजाइश दिखने के बजाय यह संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है. ईरान द्वारा इजरायल के अराद और डिमोना शहरों पर किए गए भीषण मिसाइल हमलों से दुनिया हैरान है. ये शहर रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील हैं, इसलिए अब यह जंग सीधे तौर पर परमाणु ठिकानों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गई है. युद्ध का सबसे घातक असर ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है.

तेल टैंकरों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता खोलने को लेकर ईरान को ट्रंप ने 48 घंटे की धमकी थी. समय सीमा खत्म होने से पहले ही नेटो एक्शन में आ गया है. नेटो महासचिव ने बताया कि होर्मुज में मुक्त आवाजाही सुवनिश्चित करने के लिए 22 देशों का समूह बन रहा है. साथ ही उन्होनें कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका का कदम जरूरी था.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को होर्मुज पर धमकी अब उन्हीं पर उलटी पड़ चुकी है. ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे की डेडलाइन देकर होर्मुज खोलने को कहा था, जिसके बाद अब ईरान ने ट्रंप के स्टाइल में ही उन्हें जवाब देते हुए कहा कि यदि अमेरिका उनपर हमला करेगा तो ईरान भी अमेरिका के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएगा.









