
'यूक्रेन की तरह ब्रिटेन के लोगों की भी स्वतंत्रता चुनने की प्रवृत्ति', बयान पर घिरे PM बोरिस जॉनसन
AajTak
बोरिस जॉनसन ने यूक्रेन युद्ध की तुलना ब्रेक्जिट के मतदान से करते हुए कहा था कि यूक्रेन की तरह ब्रिटेन के लोगों की प्रवृत्ति भी स्वतंत्रता चुनने की है.
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन यूक्रेन युद्ध की तुलना ब्रेक्जिट वोटिंग से करने को लेकर घिर गए हैं. बोरिस की पार्टी के सांसदों ने भी उनके बयान की आलोचना की है. दरअसल, जॉनसन ने इंग्लैंड के ब्लैकपूल में अपनी कंजरवेटिव पार्टी के सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा था कि यूक्रेन के लोगों की तरह ब्रिटेन के लोगों की भी स्वतंत्रता को चुनने की प्रवृत्ति है.
बोरिस जॉनसन ने कहा कि जब ब्रिटेन के लोगों ने बड़ी संख्या में ब्रेक्जिट के पक्ष में वोट किया था, मुझे नहीं लगता था कि यह सिर्फ इसलिए हुआ कि वह उनकी विदेशियों से कोई दुश्मनी थी. बल्कि ऐसा इसलिए क्योंकि वे चीजों को अलग तरह से करने के लिए स्वतंत्र होना चाहते थे. वे देश को अपने तरीके से चलाना चाहते थे.
बोरिस जॉनसन के इस बयान की काफी आलोचना हो रही है. कंजरवेटिव लॉर्ड बारवेल ने इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी जनमत संग्रह में मतदान करने की तुलना किसी भी तरह के युद्ध में जीवन पर हर समय मंडराने वाले खतरे से नहीं की जा सकती है.
उधर, यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष डोनाल्ड टस्क ने ट्वीट कर कहा कि बोरिस, आपके शब्द यूक्रेन-ब्रिटिश लोगों और सामान्य ज्ञान को भी ठेस पहुंचाने वाले हैं. बेल्जियम के पूर्व प्रधानमंत्री गे वेरहॉफस्टेट ने कहा कि इस तरह की तुलना किसी पागलपन से कम नहीं है. लिबरल डेमोक्रेट नेता सर एडकॉल्ड ने कहा, ब्रेक्जिट में मतदान का रूसी हमले का सामना कर रहे लोगों से तुलना करना हर यूक्रेनी का अपमान है. उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री जॉनसन ने पूरे देश को शर्मिंदा किया है.

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर संभावित हमलों को पांच दिनों के लिए रोकने का निर्देश दिया, जिसका कारण दोनों देशों के बीच जारी सकारात्मक बातचीत बताया गया. डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि ईरान से पांच दिनों के भीतर डील हो सकती है. हालांकि, ईरान इन दावों को खारिज कर रहा है. इससे पहले अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने को लेकर चेतावनी दी थी, जिस पर ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी.

ईरान लगातार इजरायल को निशाना बना रहा है. यरुशलम में ईरान के हमले की आशंका को लेकर सायरन बजे. आनन-फानन में लोग बम शेल्टर की ओर भागे. ये सायरन ईरान से मिसाइल और ड्रोन हमलों की चेतावनी देते हैं. हमसे ले पहले कुछ मिनटों का ही समय होता है जिसमें इजरायली नागरिक अपने करीबी बम शेल्टर में तब तक शरण लेते हैं जब तक कि खतरा टल न जाए. देखें वीडियो.

ईरान ने दावा किया है कि उसकी नेवी के एयर डिफेंस ने दो अमेरिकी ड्रोन मार गिराए. ईरान की स्टेट मीडिया के मुताबिक ये दोनों सुसाइड ड्रोन कथित तौर पर अमेरिकी सेना के थे. ईरान की सेना के मुताबिक ड्रोन का पता लगाया गया, उसे ट्रैक किया गया और इससे पहले कि वो बंदर अब्बास नौसैनिक बेस को निशाना बनाते, उन्हें मार गिराया गया. देखें वीडियो.

ईरान-इजरायल युद्ध आज अपने 24वें दिन में प्रवेश कर चुका है, लेकिन शांति की कोई गुंजाइश दिखने के बजाय यह संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है. ईरान द्वारा इजरायल के अराद और डिमोना शहरों पर किए गए भीषण मिसाइल हमलों से दुनिया हैरान है. ये शहर रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील हैं, इसलिए अब यह जंग सीधे तौर पर परमाणु ठिकानों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गई है. युद्ध का सबसे घातक असर ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है.

तेल टैंकरों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता खोलने को लेकर ईरान को ट्रंप ने 48 घंटे की धमकी थी. समय सीमा खत्म होने से पहले ही नेटो एक्शन में आ गया है. नेटो महासचिव ने बताया कि होर्मुज में मुक्त आवाजाही सुवनिश्चित करने के लिए 22 देशों का समूह बन रहा है. साथ ही उन्होनें कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका का कदम जरूरी था.








