
यूं ही किसी को मैसेज भेजा, नंबर लड़की का निकला, गर्लफ्रेंड बनी और शादी हो गई... किस्सा हुआ वायरल
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एक शख्स ने मोबाइल से अनजाने नंबर पर मैसेज भेज दिया. वो नंबर एक लड़की का था. उसके बाद दोनों मिले और फिर शादी भी हो गई. जानते हैं क्या है वायरल हो रही ये दिलचस्प कहानी?
एक डीजे ने 1998 में मजाक के तौर पर एक रैंडम नंबर पर संदेश भेजा. इसके बाद जो हुआ, उसकी उसने कल्पना नहीं की थी. ये कहानी है डोनोवन शियर्स नाम के एक शख्स की, जिसे 27 साल पहले उसके 18वें जन्मदिन पर पहला मोबाइल फोन दिया गया था.
उस वक्त ज्यादा लोगों के पास मोबाइल फोन होते नहीं थे. इसलिए पहली बार मोबाइल मिलने की खुशी में डोनोवन ने कुछ रैंडम नंबरों पर 'हैलो' लिखकर टेक्स्ट मैसेज भेज दिया.
रैंडम नंबरों पर भेजा एसएमएस 45 वर्षीय डोनोवन, जो पहले डीजे थे और अब साइबर सुरक्षा में काम करते हैं. उन्होंने कहा कि मोबाइल मिलने के बाद मैंने अपने दोस्तों को यह दिखाते हुए बेतरतीब ढंग से टेक्स्ट संदेश भेजना शुरू कर दिया. मैंने पहले चार अंक वही चुने जो मेरे थे जो 07775 थे, फिर अंतिम तीन अंक रेंडम ढंग से कुछ भी जोड़ लिया. इसके बाद इन नंबरों पर बस हैलो लिखकर टेक्सट मैसेज कर दिया.
मैंने जिन नंबरों पर संदेश भेजे थे उनमें से एक 365 पर समाप्त होने वाला नंबर था. यह नंबर क्रिस्टी शियर्स का था, जो 100 मील से अधिक दूर क्लीथॉर्प्स, लिंक्स में रहती थी. इसके बाद उन्हें क्रिस्टी से संदेश का जवाब मिला. उसने बस 'हाय' कहा था.
एक लड़की ने दिया जवाब इसके बाद दोनों के बीच टेक्स्ट संदेशों का आदान-प्रदान शुरू हो गया. हम दिन भर मैसेज करते रहते थे और फिर जाहिर है कि यह लगातार बढ़ता गया. स्कॉटलैंड में जन्मी क्रिस्टी, जिनके पास अल्काटेल मोबाइल था, ने याद किया कि कैसे हमें एक-दूसरे को बताना पड़ता था कि हम कैसे दिखते हैं. क्रिस्टी ने उससे पूछा कि वह कैसा दिखता है और उसने कहा कि वह 6 फीट 6 इंच का है और मैंने सोचा 'क्या वह वाकई ऐसा है?'
मैसेज के बाद फोन पर शुरू हुई बात क्रिस्टी ने कहा सौभाग्य से वह वाकई इतना लंबा है. इसलिए मुझे मैसेज के ज़रिए धोखा नहीं दिया जा रहा था. मैंने उससे कहा कि मैं स्कॉटिश हूं, 5 फीट लंबी हूं और पतली नहीं हूं लेकिन मोटी भी नहीं हूं और उसने कहा 'यह मेरा टाइप है'.डोनोवन ने आगे कहा हम इतने ज़्यादा टेक्स्ट मैसेज कर रहे थे कि मेरा फोन बिल $300 प्रति महीने से ज़्यादा हो गया, मुझे लगता है कि तभी मैंने फैसला किया कि हमें फोन करना चाहिए.

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