
मौत, पलायन या कुछ और... क्यों फेज-2 SIR सर्वे में हटे 6.57 करोड़ नाम, UP से सबसे ज्यादा वोटर डिलीट
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SIR सर्वे बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले शुरू हुआ था और अब असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में चुनावों से पहले इसका दूसरा चरण महत्वपूर्ण माना जा रहा है. चुनाव आयोग ने मतदाताओं को आपत्ति दर्ज कराने का मौका देने की घोषणा की है.
चुनाव आयोग ने फेज 2 SIR सर्वे का दूसरा राउंड पूरा कर लिया है. इसमें 9 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में वोटर लिस्ट से बहुत सारे नाम हटाए गए हैं. कुल मिलाकर करीब 13% वोटर्स के नाम डिलीट हुए हैं, यानी 6.57 करोड़ लोगों के नाम हट गए. इनमें सबसे ज्यादा डिलीशन उत्तर प्रदेश में हुआ है. कुल डिलीट हुए नामों में से 44% सिर्फ UP के हैं. उसके बाद तमिलनाडु, गुजरात और पश्चिम बंगाल का नंबर आता है.
उत्तर प्रदेश में इतने नाम क्यों हटे? UP में कुल 2.9 करोड़ नाम डिलीट हुए. इनमें से 75% यानी 2.2 करोड़ नाम इसलिए हटे क्योंकि वो लोग वहां से चले गए थे (माइग्रेशन) या घर पर नहीं मिले. 46 लाख से ज्यादा लोग मर चुके थे और 25.5 लाख लोग कहीं और वोटर लिस्ट में पहले से रजिस्टर्ड थे.
जहां मौत की वजह से सबसे ज्यादा नाम हटे पश्चिम बंगाल में कुल 58 लाख से ज्यादा नाम डिलीट हुए. इनमें से 41.6% यानी करीब 24 लाख लोग मर चुके थे. बाकी में 32.6 लाख लोग माइग्रेट हो गए थे और 1.4 लाख कहीं और रजिस्टर्ड थे.
गौरतलब है कि ये SIR सर्वे बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले शुरू हुआ था और काफी चर्चा में रहा. अब आगे असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव होने हैं, तो ये फेज 2 बहुत महत्वपूर्ण है. वोटरों को अभी समय दिया गया है कि वो आपत्ति या क्लेम कर सकते हैं. फाइनल ड्राफ्ट रोल मार्च में आएगा.

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