
मोहम्मद यूनुस चीन से पहले आना चाहते थे दिल्ली, लेकिन भारत ने दौरे के प्रपोजल पर भाव ही नहीं दिया
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मोहम्मद यूनुस, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मिलने वाले हैं और अपने साथ पूरा दल लेकर रवाना हुए हैं, जिसमें उनके नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के विदेशी मामलों, बिजली, ऊर्जा, खनिज, सड़क परिवहन और पुल तथा रेलवे के सलाहकार और उनके प्रेस सचिव शामिल हैं.
ढाका में राष्ट्रीय दिवस पर बांग्लादेश के शहीद सैनिकों (1971 के युद्ध में) को श्रद्धांजलि देने के कुछ ही घंटों बाद, अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस चाइना साउथर्न एयरलाइंस के एक विशेष विमान पर सवार होकर चार दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर चीन के लिए रवाना हो गए. भारत के साथ बांग्लादेश के तनावपूर्ण संबंधों बीच यूनुस की चीन यात्रा कोई संयोग नहीं है. यह एक संदेश है और इसका संकेत ढाका ने दिया है. एक दिन पहले ही भारत ने बांग्लादेश को 'एक दूसरे के हितों और चिंताओं के प्रति पारस्परिक संवेदनशीलता' की आवश्यकता पर एक संदेश भेजा था.
दावोस, वाशिंगटन डीसी और काहिरा में रुकने के बाद अपनी पहली द्विपक्षीय यात्रा पर यूनुस अकेले चीन नहीं गए. यूनुस, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मिलने वाले हैं और अपने साथ पूरा दल लेकर रवाना हुए हैं, जिसमें उनके नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के विदेशी मामलों, बिजली, ऊर्जा, खनिज, सड़क परिवहन और पुल तथा रेलवे के सलाहकार और उनके प्रेस सचिव शामिल हैं. 'द हिन्दू' की एक रिपोर्ट के मुताबिक मोहम्मद यूनुस के प्रेस सचिव ने बताया कि बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुखिया चीन से पहले भारत का दौरा करना चाहते थे, लेकिन उन्हें सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली.
लेकिन ढाका भारत को क्या संदेश देना चाह रहा है? और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बांग्लादेश के 'नेशनल डे' पर मोहम्मद यूनुस को भेजे अपने संदेशों के जरिए यह संकेत कैसे दिया है कि द्विपक्षीय संबंधों को सामान्य बनाने के लिए ढाका को क्या करने की आवश्यकता है? बांग्लादेशों के साथ संबंधों में कौन से तनाव हैं जिन्हें नई दिल्ली का शीर्ष नेतृत्व दूर करना चाहता है?
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यूनुस के चीन दौरे से क्या संदेश देना चाहता है ढाका?
चीन द्वारा भेजे गए चार्टर्ड विमान से मोहम्मद यूनुस का बीजिंग प्रस्थान अपने आप में एक महत्वपूर्ण संदेश है. चीनी राजदूत याओ वेन ने इसे पिछले 50 वर्षों में किसी बांग्लादेशी नेता की सबसे महत्वपूर्ण यात्रा बताया है. उन्होंने कहा कि मोहम्मद यूनुस की इस यात्रा के दौरान कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम निर्धारित हैं. इसके अलावा, ढाका के विदेश मंत्रालय के शीर्ष अधिकारी मोहम्मद जशीम उद्दीन ने समाचार एजेंसी एएफपी को बताया, 'मोहम्मद यूनुस ने अपनी पहली राजकीय यात्रा के लिए चीन को चुना है और इसके साथ ही बांग्लादेश एक संदेश भेज रहा है.'

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