
मोहन भागवत के निशाने पर वो कौन है जो हिंदुओं का नेता बनने की कोशिश कर रहा है? | Opinion
AajTak
देश में जारी हिंदू-मुस्लिम विवाद ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की फिक्र बढ़ा दी है. RSS प्रमुख मोहन भागवत ने किसी नेता का नाम तो नहीं लिया है, लेकिन उनकी बातों से ऐसा लग रहा है कि संघ अब हिंदुत्व के एजेंड को लेकर एहतियात बरत रहा है.
संभल जैसे विवाद, लगता है, संघ अब हजम नहीं कर पा रहा है. और, बहुत हद तक योगी आदित्यनाथ की भूमिका भी संघ को नागवार गुजर रही है - RSS प्रमुख मोहन भागवत ने बगैर किसी का नाम लिये बड़े ही सख्त लहजे में नेताओं को ऐसी हरकतों से बाज आने की हिदायत दी है.
पुणे में आयोजित 'सहजीवन व्याख्यानमाला' में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने भारत को सद्भावना का मॉडल बनाने की सलाह दी. मंदिर-मस्जिद के ताजा विवादों पर नाराजगी जताते हुए मोहन भागवत ने चेतावनी दी कि कुछ लोग ऐसे मुद्दों का राजनीतिक फायदा उठाकर खुद को हिंदुओं का नेता बनने की कोशिश कर रहे हैं.
मोहन भागवत ने भले ही किसी का नाम नहीं लिया हो, लेकिन ये बात तो हाल के दिनों में मस्जिदों के सर्वेक्षण की मांग के साथ अदालतों में पहुंच रही याचिकाओं से ही जुड़ी लगती है. यूपी के संभल से लेकर राजस्थान के अजमेर शरीफ तक रवायत तो मिलती जुलती ही है.
लेकिन, मोहन भागवत ने जो नई लाइन ली है, वो संघ के बरसों से चले आ रहे एजेंडे को सूट नहीं करती. क्योंकि, ऐसी बातें तो कांग्रेस जैसी विपक्षी पार्टियों के नेताओं की तरफ से होती रहती हैं - क्या संघ अब हिंदुत्व के एजेंड को लेकर एहतियात बरत रहा है?
हिंदुत्व नेताओं के लिए संघ की गाइडलाइन में क्या है
अभी सितंबर, 2024 की ही बात है. जय श्रीराम और भारत माता की जय जैसे नारे लगाये जाने पर संघ प्रमुख मोहन भागवत ने आपत्ति जताई थी. मोहन भागवत ने कहा था, देखो... हर बात के लिए एक खास जगह होती है… और ये बात नारों पर भी लागू होती है, लेकिन ये वो जगह नहीं है.

प्रयागराज माघ मेले से लौटे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. उन्होंने सरकार को गोहत्या और मांस निर्यात के मुद्दे पर कड़ी चेतावनी दी है. शंकराचार्य ने साफ कहा है कि अगर सरकार द्वारा निर्धारित शर्तें पूरी नहीं की गईं, तो वे मुख्यमंत्री को नकली हिंदू घोषित करेंगे. यह बयान राजनीतिक और सामाजिक विवादों को जन्म दे सकता है क्योंकि गोहत्या और मांस निर्यात जैसे मुद्दे प्रदेश के भीतर संवेदनशील विषय हैं.

झारखंड फेडरेशन ऑफ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (FJCCI) के अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने राज्य के चार ऐसे जिलों की रेल कनेक्टिविटी समेत अन्य आवश्यक मांगों को लेकर यूनियन बजट में शामिल करने की बात कही है जहां आज तक रेल कनेक्टिविटी उपलब्ध नहीं है. आदित्य मल्होत्रा ने इन जिलों के लिए रेल परिवहन के महत्व को रेखांकित करते हुए बताया कि यह कदम कैसे क्षेत्रीय विकास में सहायक होगा.

उत्तर भारत में मौसम का मिजाज बदलने वाला है. मौसम विभाग (IMD) के अनुसार आने वाले दिनों में हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में फिर बर्फबारी की संभावना है. वहीं, दिल्ली-NCR में 31 जनवरी से 2 फरवरी तक बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है. मौसम विभाग ने पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के लिए भी बारिश का अलर्ट जारी किया है.

जम्मू कश्मीर से हिमाचल प्रदेश तक पहाड़ों पर लगातार भारी बर्फबारी जारी है. इस बर्फबारी के कारण खूबसूरत नजारे देखने को मिल रहे हैं, जिससे बड़ी तादाद में पर्यटक इन इलाकों की तरफ आकर्षित हो रहे हैं. मौसम के इस बदलाव ने कई रास्ते बंद कर दिए हैं जिससे कई जगहों पर यातायात जाम की स्थिति बनी है. श्रीनगर समेत पुलवामा, कुलगाम, शोपिया, गुरेज और अन्य क्षेत्रों में तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है.

मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर है. अमेरिका ने USS Abraham Lincoln कैरियर ग्रुप अरब सागर में तैनात कर ईरान पर हमले की धमकी दी है. ईरान डर से अपने न्यूक्लियर साइट्सको गहराई में छिपा रहा है. टनल सील कर रहा है. ड्रोन कैरियर शहीद बघेरी को बंदर अब्बास से 6 किमी दूर रखा है. IRGC 1-2 फरवरी को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में लाइव-फायर एक्सरसाइज करेगा.

दिल्ली पुलिस की महिला कमांडो काजल की हत्या के मामले अब नई परतें खुल रही हैं. उसके परिजनों ने पति अंकुर पर हत्या के साथ-साथ पेपर लीक रैकेट का मास्टरमाइंड होने के गंभीर आरोप लगाए हैं. दावा है कि काजल के पास उसके काले कारनामों के राज़ थे. हत्या से पहले वीडियो कॉल और डंबल से हत्या के आरोपों ने मामले को और सनसनीखेज बना दिया है.







