
मैराथन में ले रहे थे हिस्सा, 'अधिक ठंड' से मर गए चीन के 21 एथलीट्स
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चीन के खेल इतिहास में इसे काला दिन ही कहा जाएगा, जहां 100 किमी की अल्ट्रा मैराथन रेस में 21 एथलीट्स की मौत हो गई.
चीन के खेल इतिहास में इसे काला दिन ही कहा जाएगा, जहां 100 किमी की अल्ट्रा मैराथन रेस में 21 एथलीट्स की मौत हो गई. इस रेस के दौरान अचानक मौसम बिगड़ने से एथलीट्स को ओलवृष्टि के साथ हड्डियां जमा देने वाली सर्दी, बारिश और आंधी-तूफान का सामना करना पड़ा. scmp.com के मुताबिक इस रेस में चीन के सर्वश्रेष्ठ लंबी दूरी के धावक लिआंग जिंग और हुआंग गुआंजुन भी शामिल थे. लियांग ने 2018 में चीन Ultra Gobi दौड़ जीती थी और 2019 में हांगकांग 100 अल्ट्रा ट्रेल रेस में दूसरे स्थान पर रहे. हुआंग 2019 के राष्ट्रीय पैरालंपिक खेलों के श्रवण बाधित वर्ग में 2019 मैराथन चैंपियन थे. बैयिन शहर के मेयर झांग ज़ुचेन ने रविवार को कार्यक्रम के आयोजक के रूप में घटना पर लोगों से माफी मांगी. साथ ही मारे गए और घायल हुए एथलीटों के परिवारों के प्रति सहानुभूति भी जताई. उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच के लिए टास्क फोर्स का गठन किया गया है. बता दें कि इस रेस में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में धावक आते हैं.
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर संभावित हमलों को पांच दिनों के लिए रोकने का निर्देश दिया, जिसका कारण दोनों देशों के बीच जारी सकारात्मक बातचीत बताया गया. डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि ईरान से पांच दिनों के भीतर डील हो सकती है. हालांकि, ईरान इन दावों को खारिज कर रहा है. इससे पहले अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने को लेकर चेतावनी दी थी, जिस पर ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी.

ईरान लगातार इजरायल को निशाना बना रहा है. यरुशलम में ईरान के हमले की आशंका को लेकर सायरन बजे. आनन-फानन में लोग बम शेल्टर की ओर भागे. ये सायरन ईरान से मिसाइल और ड्रोन हमलों की चेतावनी देते हैं. हमसे ले पहले कुछ मिनटों का ही समय होता है जिसमें इजरायली नागरिक अपने करीबी बम शेल्टर में तब तक शरण लेते हैं जब तक कि खतरा टल न जाए. देखें वीडियो.

ईरान ने दावा किया है कि उसकी नेवी के एयर डिफेंस ने दो अमेरिकी ड्रोन मार गिराए. ईरान की स्टेट मीडिया के मुताबिक ये दोनों सुसाइड ड्रोन कथित तौर पर अमेरिकी सेना के थे. ईरान की सेना के मुताबिक ड्रोन का पता लगाया गया, उसे ट्रैक किया गया और इससे पहले कि वो बंदर अब्बास नौसैनिक बेस को निशाना बनाते, उन्हें मार गिराया गया. देखें वीडियो.

ईरान-इजरायल युद्ध आज अपने 24वें दिन में प्रवेश कर चुका है, लेकिन शांति की कोई गुंजाइश दिखने के बजाय यह संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है. ईरान द्वारा इजरायल के अराद और डिमोना शहरों पर किए गए भीषण मिसाइल हमलों से दुनिया हैरान है. ये शहर रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील हैं, इसलिए अब यह जंग सीधे तौर पर परमाणु ठिकानों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गई है. युद्ध का सबसे घातक असर ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है.

तेल टैंकरों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता खोलने को लेकर ईरान को ट्रंप ने 48 घंटे की धमकी थी. समय सीमा खत्म होने से पहले ही नेटो एक्शन में आ गया है. नेटो महासचिव ने बताया कि होर्मुज में मुक्त आवाजाही सुवनिश्चित करने के लिए 22 देशों का समूह बन रहा है. साथ ही उन्होनें कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका का कदम जरूरी था.








