
मैनपुरी सीट पर बहू VS बहू? डिंपल का टिकट पक्का होने के बाद बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष से अपर्णा यादव की मीटिंग
AajTak
उत्तर प्रदेश की तीन सीटों पर उपचुनाव होना है. इसमें मैनपुरी लोकसभा सीट, रामपुर और खतौली की विधानसभा सीट शामिल है. मैनपुरी से सपा ने डिंपल यादव को उम्मीदवार बनाया है. इस सीट से बीजेपी अपर्णा यादव पर दांव लगा सकती है.
गुजरात और हिमाचल प्रदेश के विधानसभा चुनाव के साथ-साथ इस वक्त यूपी के उपचुनाव भी चर्चा में हैं. यहां मैनपुरी (लोकसभा) के साथ-साथ रामपुर और खतौली विधानसभा सीट पर उपचुनाव होना है. चुनावी सरगर्मी के बीच मैनपुरी से बड़ी खबर सामने आ रही है. ये सीट यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद खाली हुई है. अब यहां बहू बनाम बहू की चुनावी जंग देखने को मिल सकती है.
मैनपुरी से समाजवादी पार्टी ने मुलायम सिंह यादव की बहू और अखिलेश की पत्नी डिंपल यादव को टिकट दिया है. अब चर्चा है कि यहां से भारतीय जनता पार्टी मुलायम सिंह की छोटी बहू अपर्णा यादव को चुनावी मैदान में उतार सकती है. हालांकि, उनका टिकट अभी पक्का नहीं हुआ है लेकिन उनके नाम पर चर्चा डिंपल के नाम का ऐलान होने से पहले से चल रही थी. हालिया घटनाक्रम से ऐसा लग रहा है कि अपर्णा भी तैयारियों में जुट गई हैं.
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष से मिलीं अपर्णा यादव
मैनपुरी लोकसभा और अन्य उपचुनाव को लेकर बीजेपी कोर कमेटी की बैठक 12 नवंबर यानी शनिवार को मुख्यमंत्री आवास पर होनी है. इससे पहले गुरुवार को बीजेपी नेता अपर्णा यादव ने बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष भूपेन्द्र चौधरी से मुलाकात की थी, जिससे चर्चा तेज हो गई.
बता दें कि अपर्णा यादव मुलायम सिंह यादव के दूसरे बेटे प्रतीक यादव की पत्नी हैं. प्रतीक यादव मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के बेटे हैं. अपर्णा पहले सपा में ही थीं. साल 2017 में उन्होंने लखनऊ कैंट विधानसभा सीट से बीजेपी की रीता बहुगुणा जोशी के खिलाफ चुनाव भी लड़ा था. लेकिन तब वह हार गई थीं. बाद में अपर्णा बीजेपी में शामिल हो गई थीं.
बीजेपी कोर कमेटी की बैठक में होगा उम्मीदवार पर फैसला

माघ मेले के दौरान चोटी खींचने की घटना को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति गरमाई है. डिप्टी मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने इस घटना को पूरी तरह से गलत और महापाप बताया है. उन्होंने इस कृत्य की निंदा करते हुए बटुकों को बुलाकर उनका सम्मान किया है. इस घटना को लेकर सियासत तेज हो गई है और अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधा है. इस मामले में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है, जिससे माहौल और गरमाता दिखाई दे रहा है.

दिल्ली में आयोजित AI समिट में बेहतर भविष्य की चर्चाएं हो रही हैं, लेकिन वहीं राजनीतिक पार्टियां इस तकनीक को हथियार बनाकर आमने-सामने आ गई हैं. कांग्रेस ने AI का एक वीडियो जारी किया, जिसमें लोकसभा स्पीकर का मजाक उड़ाया गया, जिसे बीजेपी ने सदन की अवमानना माना और शिकायत दर्ज कराई. कांग्रेस के तीन नेताओं को नोटिस भेजा गया. दोनों पार्टियां AI वीडियो का इस्तेमाल कर विपक्षी नेताओं पर आरोप-प्रत्यारोप कर रही हैं.

ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और बीजेपी पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि बीजेपी में दो विचारधाराएं दिख रही हैं और बटुकों के सम्मान को डैमेज कंट्रोल बताया. गोरक्षा के मुद्दे पर उन्होंने 40 दिन का समय दिया था, जिसमें 20 दिन शेष हैं. समय पूरा होने पर स्थिति साफ़ करने की बात कही है.

अब महाराष्ट्र सरकार ने उस पुराने अध्यादेश से जुड़े आखिरी प्रशासनिक आदेश भी वापस ले लिए हैं. यानी जो थोड़ी-बहुत औपचारिक संरचना बची थी, उसे भी खत्म कर दिया गया है. जमीन पर तुरंत कोई बदलाव नहीं होगा, क्योंकि यह आरक्षण पहले से लागू नहीं था. न शिक्षा में इसका फायदा मिल रहा था, न नौकरियों में. लेकिन कानूनी और राजनीतिक रूप से यह एक बड़ा संकेत है.

इंडिया टुडे की OSINT (ओपन सोर्स इंटेलिजेंस) टीम ने इंस्टाग्राम और यूट्यूब के 50 से ज्यादा ऐसे अकाउंट खंगाले, जहां स्टंट और हादसों के वीडियो डालकर एंगेजमेंट बढ़ाया जा रहा है. कई अकाउंट पहले से कमाई कर रहे हैं या उसकी तैयारी में हैं. सबसे खतरनाक बात ये है कि इसका असर सिर्फ स्क्रीन तक सीमित नहीं है, इससे सड़क पर चलने वाले आम लोगों की जान भी खतरे में पड़ रही है.

लॉरेंस बिश्नोई और हाशिम बाबा गैंग के सुप्रीम गैंगस्टर महफूज जिसे बॉबी कबूतर के नाम से जाना जाता है, को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गिरफ्तार किया है. पहले ही दिन बॉबी कबूतर को पुलिस ने पकड़ लिया था और अब उसकी गर्लफ्रेंड खुशनुमा अंसारी उर्फ नेहा को भी ढूंढ़ कर गिरफ्तार किया गया है. खुशनुमा और बॉबी कबूतर दोनों ने लंबे समय तक पुलिस को छकाया था, लेकिन अब उनकी गिरफ्तारी से पुलिस महफूज गैंग पर बड़ा वार करने में कामयाब रही है.







