
'मैं हूं ना…',गरबा नाइट के बाद लड़की का सहारा बना रैपिडो राइडर, वीडियो वायरल
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एक रैपिडो बाइक ड्राइवर देर रात एक महिला के साथ तब तक रुका रहा जब तक उसका फ्लैटमेट नहीं आ गया, ताकि उसकी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके. इस घटना को यात्री ने रिकॉर्ड कर अब-तक वायरल हो चुके वीडियो में साझा किया.
देशभर में नवरात्र की रौनक है. जगह-जगह गरबा हो रहे हैं. लोग फेस्टिवल मूड में डूबे हुए हैं. रोशनी, रंग और संगीत से सजी गरबा नाइट लोगों को रोमांचित कर रही है, लेकिन त्यौहार सिर्फ उत्सव तक सीमित नहीं रहते, ये समाज की एकजुटता और इंसानियत का भी आईना होते हैं. इसी भावना को दर्शाता एक वाकया इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
यह घटना एक लड़की के साथ घटी, जो गरबा नाइट से अपने घर लौट रही थी. देर रात, सुनसान सड़क और उसके पास फ्लैट की चाबियां नहीं थीं. आमतौर पर Rapido ड्राइवर राइड पूरी करते ही तुरंत चले जाते हैं, लेकिन इस बार स्थिति बिल्कुल अलग थी. लड़की ने इस पूरे अनुभव को वीडियो में रिकॉर्ड कर लिया.
वीडियो में लड़की कहती है कि मैं अभी गरबा नाइट से लौटी हूं और मेरे पास फ्लैट की चाबियां नहीं हैं. आप देख सकते हैं कि सड़कें सुनसान हैं और आधी रात का समय है. मैं बस इंतजार कर रही थी. तभी Rapido वाले भैया ने कहा कि मैडम, मैं आपके साथ रुक जाता हूं, जब तक आपकी फ्लैटमेट वापस नहीं आती.
देखें वीडियो
करीब 22 सेकंड का यह वीडियो यहीं खत्म हो जाता है, लेकिन इसमें दिखाई गई इंसानियत ने लाखों लोगों का दिल जीत लिया. Rapido ड्राइवर का यह छोटा-सा कदम हर किसी को छू गया और यही वजह है कि यह वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है.
Instagram से लेकर Reddit और X तक, इस वीडियो को कई पेजों ने शेयर किया है. लाखों व्यूज और हजारों कमेंट्स के बीच लोग ड्राइवर की जमकर तारीफ कर रहे हैं. एक यूजर ने लिखा कि ऐसे काम इंसानियत पर भरोसा वापस दिलाते हैं. जब कैब ड्राइवरों के बारे में नकारात्मक खबरें सामने आती हैं, तब ऐसे पॉजिटिव किस्से बेहद जरूरी हैं. वहीं दूसरे ने कहा कि आज की दुनिया में ऐसे नेकदिल इंसान मिलना बेहद मुश्किल है.

आज पूरी दुनिया LNG पर निर्भर है. खासकर भारत जैसे देश, जहां घरेलू गैस प्रोडक्शन कम है, वहां LNG आयात बेहद जरूरी है. लेकिन जैसे ही युद्ध या हमला होता है, सप्लाई चेन टूट जाती है और गैस की कीमतें तेजी से बढ़ जाती हैं. कतर जैसे देशों से निकलकर हजारों किलोमीटर दूर पहुंचने तक यह गैस कई तकनीकी प्रोसेस और जोखिम भरे रास्तों से गुजरती है.












