
'मैं भारत का बड़ा फैन हूं', चीनी अधिकारी ने कहा- हमें साथ काम करना चाहिए
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बांग्लादेश में राजनयिक संवाददाताओं से बातचीत के दौरान ली ने कहा कि चीन भारत को कभी भी 'रणनीतिक प्रतिद्वंद्वी या रणनीतिक प्रतिद्वंद्वी' के रूप में नहीं देखता है. उन्होंने कहा कि चीन "बंगाल की खाड़ी को भारी हथियारों से लैस नहीं देखना चाहता".
बांग्लादेश में चीन के राजदूत ली जिमिंग ने बुधवार को कहा कि उनका देश और भारत किसी भी आर्थिक, भू-राजनीतिक और अन्य मुद्दों को सुलझाने के लिए मिलकर काम कर सकते हैं. उन्होंने कहा, "व्यक्तिगत रूप से, मैं भारत का बहुत बड़ा प्रशंसक हूं. हम आर्थिक और भू-राजनीतिक मुद्दों को हल करने के लिए मिलकर काम कर सकते हैं."
बांग्लादेश में राजनयिक संवाददाताओं से बातचीत के दौरान ली ने कहा कि चीन भारत को कभी भी 'रणनीतिक प्रतिद्वंद्वी या रणनीतिक प्रतिद्वंद्वी' के रूप में नहीं देखता है. उन्होंने कहा कि चीन "बंगाल की खाड़ी को भारी हथियारों से लैस नहीं देखना चाहता".
'उचित समाधान की तलाश करनी चाहिए'
उनकी ये बयान उसी दिन आया है जब भारत में चीनी राजदूत सुन वेइदॉन्ग ने कहा कि दोनों देशों को एक दूसरे के आंतरिक मामलों में दखल देने से बचना चाहिए. निवर्तमान चीनी दूत ने अपने विदाई भाषण में कहा, "दोनों पक्षों को मतभेदों को प्रबंधित करने और हल करने का प्रयास करना चाहिए, और चीन-भारत संबंधों को मतभेदों से परिभाषित करने के बजाय बातचीत और परामर्श के माध्यम से एक उचित समाधान की तलाश करनी चाहिए."
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने की थी सुन से मुलाकात
बाद में, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सुन से मुलाकात की और कहा कि दोनों देशों के बीच संबंध सामान्य करना दुनिया सहित सभी के हित में होगा. गौरतलब है कि साल 2020 में पूर्वी लद्दाख में गलवान घाटी में हुई झड़प के बाद भारत और चीन के बीच द्विपक्षीय संबंध तनावपूर्ण हो गए थे. इससे पहले पैंगोंग झील क्षेत्र में हिंसक झड़प हुई थी.

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