
'मैं जासूस थी, मुझे पुरुषों को वश में करने, रिलेशन बनाने के तरीके सिखाए गए'
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एक महिला ने दावा किया है कि वो रूसी जासूस रह चुकी है. 18 साल की उम्र में उनकी ट्रेनिंग शुरू हो गई थी. जहां उन्हें पुरुषों को वश में करने की ट्रेनिंग दी गई थी. उसे 'संबंध बनाने का टेकनिक' भी सिखाया गया था.
एक रूसी महिला ने दावा किया है कि वो व्लादिमीर पुतिन के शासनकाल में जासूसी का काम कर चुकी हैं. तब उसे अपना काम निकलवाने के लिए 'संबंध बनाने का टेकनिक' सिखाया गया था.
इस महिला का नाम आलिया रोज़ा है. वो 37 साल की हैं. सोवियत संघ में जन्मी आलिया एक पीआर कंपनी की मालकिन हैं. उन्होंने बताया कि कैसे उन्हें सेक्रेट एजेंट की ट्रेनिंग दी गई थी. तब वह 18 साल की थीं.
आलिया का दावा है कि 20 साल की उम्र में ही उन्हें एक मिशन पर भेजा गया था. उन्हें ड्रग गैंग और मानव तस्करी से जुड़े लोगों को निशाना बनाना था. लेकिन आलिया ने गड़बड़ी कर दी और उन्हें देश छोड़कर निकलना पड़ा.
द सन से बातचीत में आलिया ने कहा- मुझे मिलिट्री एकेडमी भेजा गया था. जहां मुझे सारी स्पेशल टेकनिक सिखाई गई थी. उन्होंने मुझे सिखाया कि कैसे लोगों को सेड्यूस, मैनिपुलेट और अपने काम के लिए मनवाना होता है. अलग-अलग बंदूकों से शूट करना और मार्शल आर्ट्स की भी ट्रेनिंग दी गई ताकि मैं फिल्ड पर एक परफेक्ट सोल्जर की तरह काम कर सकूं.
आलिया ने बताया- मेरे दादा सेकेंड वर्ल्ड वार के नेशनल हीरो थे. यहां तक कि उनके नाम का एक स्मारक भी है. अपनी फैमली बैकग्राउंड की वजह से मैंने एकेडमी ज्वाइन की थी. मैंने वहां पढ़ाई की और फिर कुछ मिशन्स पर भी गई. जहां मुझे अपने देश के लोगों को अफगानिस्तान से आए ड्रग्स से बचाने का काम मिला था. रूस में मानव तस्करी के रोकने के काम में भी मुझे लगाया गया था.
'सेक्स एक्ट ट्रेनिंग' आलिया ने कहा कि इस काम के लिए कुछ ही लड़कियों को चुना गया था. वो उन में से एक थीं. जिन्हें स्पेशल एजेंट की ट्रेनिंग दी गई थी और बताया गया था कि कैसे अपने गुड लुक्स का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल कर सकती हैं.

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