
'मैं आज भी SDM के नाम का सिंदूर लगाती हूं…' थप्पड़बाज अधिकारी की पहली पत्नी ने खोल दी सारी पोल
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राजस्थान के सस्पेंड थप्पड़बाज एसडीएम छोटू लाल शर्मा की पहली पत्नी पूनम ने खुलासा किया कि उसने संघर्ष के दिनों में पति का हर तरह से साथ दिया, दो बच्चे हुए, पर अफसर बनने के बाद वह मारपीट करने लगा और दूसरी औरतों से जुड़ गया. कोरोना काल में बच्चों को पिलानी भेजकर दूर हो गया और 2023 में जाली सिग्नेचर से तलाक भेजा. पूनम बोलीं कि मैं आज भी उसके नाम का सिंदूर लगाती हूं.
राजस्थान में थप्पड़कांड से सुर्खियों में आए निलंबित एसडीएम छोटू लाल शर्मा की जिंदगी का अब एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. पहली पत्नी पूनम शर्मा ने मीडिया के सामने आकर कई राज खोले हैं.पूनम ने भावुक लहजे में कहा कि आज भले ही उसने दूसरी दुनिया बसा ली हो, लेकिन मैं आज भी उसके नाम का सिंदूर लगाती हूं. मैं उसकी पहली पत्नी हूं और हमारे दो बच्चे हैं.
शुरुआत गरीबी से, सपनों की डोर साथ थी
पूनम शर्मा बताती हैं कि उनकी शादी 2008 में छोटू लाल शर्मा से हुई थी. उस वक्त घर की हालत बेहद कमजोर थी. छोटू लाल संघर्ष के दिनों में मेहनत कर रहे थे और पूनम ने पूरे समर्पण से उनका साथ दिया. हम दोनों ने एक ही सपना देखा था कि वो कुछ बड़ा बने और परिवार का नाम रोशन करे. मैंने अपने गहने तक बेचकर उसकी पढ़ाई में मदद की. गरीबों के राहत कार्यों में जो कुछ भी आता था, उसे हम दोनों मिलकर परिवार और पढ़ाई में लगाते थे. पूनम की आंखों में आंसू छलक उठे जब उन्होंने बताया कि हमारे दो बच्चे हुए. घर में खुशियां आईं, लेकिन छोटू लाल का स्वभाव तब भी गुस्सैल था. छोटी-छोटी बात पर हाथ उठा देता था. मैंने सब सहा, क्योंकि मुझे विश्वास था कि एक दिन वह बदल जाएगा.
अफसर बनने के बाद बदल गया रवैया
2018 में जब छोटू लाल शर्मा का चयन राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) में हुआ और वो SDM बने, तो पूनम को लगा अब जिंदगी सुधर जाएगी. लेकिन किस्मत ने कुछ और ही लिखा था. पूनम ने कहा कि अफसर बनते ही उसका लहजा बदल गया. अब उसमें वो इंसान नहीं रहा जो कभी मेरे साथ साइकिल पर सपने देखता था. उसने कहना शुरू कर दिया कि तुम अब बूढ़ी हो गई हो, तुम मुझे शोभा नहीं देती. धीरे-धीरे घर में झगड़े बढ़ने लगे. पूनम के मुताबिक, छोटू लाल दूसरी औरतों के संपर्क में आने लगा. मैंने कई बार समझाया, लेकिन वह अब खुद को कानून से ऊपर समझने लगा था. कहता था – मैं SDM हूं, जो चाहूं कर सकता हूं.
कोरोना काल में रची नई चाल

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