
'मेहनत से सफलता मिलने की बात बेकार है', Netflix के को-फाउंडर ने क्यों कहा ऐसा?
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पॉडकास्ट 'द डायरी ऑफ ए सीईओ विद स्टीवन बार्लेट' के एक एपिसोड के दौरान, ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स के को- फाउंडर Marc Randolph ने जोर देकर कहा कि मेहनत से सफलता मिलने की बात बेकार है.
कहते हैं 'मेहनत ही सफलता की कुंजी है' यानी कड़ी मेहनत से कुछ भी हासिल किया जा सकता है. इस बात को लगभग हर कोई मानता भी है लेकिन हाल में ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स के को- फाउंडर Marc Randolph ने तो इस विश्वास को चुनौती दे डाली है. उन्होंने कहा है कि- मेरे ख्याल से 'मेहनत से सफलता' मिलने की बात एक बड़ा झूठ है बल्कि सफलता की सही कुंजी ये समझ लेने में है कि किस परेशानी को पहले सुलझाया जाए.
'मेहनत से जरूरी है चीजों को प्रायरटाइज करना'
पॉडकास्ट 'द डायरी ऑफ ए सीईओ विद स्टीवन बार्लेट' के एक एपिसोड के दौरान, रैंडोल्फ ने जोर देकर कहा कि जो चीज वास्तव में सफल सीईओ और बिजनेसमैन को बाकी लोगों से अलग करती है, वह है प्रभावी ढंग से चीजों को प्रायरटाइज करने की उनकी क्षमता, न कि इससे कि वे कितनी मेहनत कर रहे हैं.
'समझना होगी कि कहां पर पहले फोकस करें'
उन्होंने कहा, 'अगर हम इतने स्मार्ट हों कि किस प्रॉब्लम पर पहले फोकस करना है ये समझ सकें तो वाकई फर्क पड़ेगा'. रैंडोल्फ ने इस बात पर जोर दिया कि हर टास्क या डिसीजन का महत्व एक जैसा नहीं होता है और जो कुछ वास्तव में मायने रखता है उसे पहचान लेने से ही आप सफलता की ओर बढ़ते हैं.
नेटफ्लिक्स में अपने समय को याद करते हुए, रैंडोल्फ ने स्वीकार किया कि वह कस्टमर फेसिंग प्रोडक्ट पर कॉपी के हर शब्द और हर पैराग्राफ जैसी माइनर डीटेल्स पर ध्यान देते थे. उनका मानना था कि कस्टमर तक पहुंचने से पहले हर चीज का पूरी तरह ठीक होना जरूरी था. हालांकि, उन्हें जल्द ही एहसास हुआ कि वास्तविक जीवन का क्विक फीडबैक लेना ज्यादा जरूरी है. यह नजरिया नेटफ्लिक्स के शुरुआती दिनों में दिखा था, खासकर इसके सब्सक्रिप्शन मॉडल की शुरुआत के साथ. सीएनबीसी के अनुसार, कस्टमर्स ने इसके सरल, कम तनावपूर्ण यूजर एक्सपीरिएंस की सराहना की थी जिससे नेटफ्लिक्स को अपना यूजर बेस बढ़ाने में मदद मिली थी.

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